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आरपीएंड रूल्स में संशोधन कर फर्जीवाडे को खत्म करने का प्रयास

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आरएंडपी नियमों में संशोधन कर किया
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फर्जीवाडे़ को खत्म करने का प्रयास
सरकार ने जूनियर ऑफिस असिस्टेंट आईटी भर्ती को बनाया पारदर्शी
अभ्यर्थियों ने नियमों में संशोधन करने पर सरकार का आभार जताया
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर के सैकड़ों अभ्यर्थियों ने जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के नियमों में संशोधन करने पर सरकार का आभार प्रकट किया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि कुछ गैर मान्यता प्राप्त अभ्यर्थी लंबे समय से सरकार और कर्मचारी आयोग पर दबाव बना रहे थे। इस कारण पोस्ट कोड-556 का परिणाम भी लंबे समय से लटका हुआ था। उन्होंने कहा कि अब नियमों में स्पष्टता आ गई है। इससे गैर मान्यता प्राप्त संस्थानों पर शिकंजा कसा जाएगा।
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राहुल कंडलस, आकाश, शिल्पा, रविता चौहान, रेखा, गरिमा, निहारिका, अंकिता, खुशबू, प्रतिभा, नागेंद्र ने यहां जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने घोषणा पत्र में किए वादे को पूरा किया है। कुछ गैर मान्यता प्राप्त संस्थान नियमों की धज्जियां उड़ाकर मानकों को नजरअंदाज कर रहे थे। आरएंडपी रूल्स में संशोधन करने के बाद ऐसे संस्थानों पर शिकंजा कसेगा और कंप्यूटर शिक्षा में गुणवत्ता बढे़गी। उन्होंने कहा कि सरकार के मान्यता प्राप्त विवि, आईटीआई, नायलेट जैसे संस्थान के स्कूल, कॉलेज जिला और तहसील स्तर पर खुले हैं। यहां लाखों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जो मेहनत और ईमानदारी से अपनी डिग्री और डिप्लोमा ले रहे हैं, जबकि दूसरी ओर मात्र एक या दो कमरों में खुले संस्थान, जो न किसी विवि और न किसी टेक्निकल बोर्ड से संबंधित हैं। यहां तक कि कइयों को डिप्लोमा जारी करने तक की अनुमति नहीं है। वे इस आरएंडपी रूल्स में संशोधन करने का विरोध कर रहे हैं, जो कि सही नहीं है। उन्होंने बताया कि जूनियर ऑफिस असिस्टेंट पोस्ट कोड 447 की भर्ती नियमों के विपरीत जाकर की गई थी। गैर मान्यता प्राप्त संस्थानों से लिए डिप्लोमा को स्वीकार किया गया था। इसे बाद में माननीय उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। यह मामला भी न्यायालय में विचाराधीन है, जबकि आयोग ने पोस्ट कोड 556 में भी पोस्ट कोड 447 वाली प्रक्रिया जारी रखी। इसे माननीय उच्च न्यायालय ने खारिज कर आयोग को आरएंडपी रूल्स से भर्ती करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आज से पहले भी आरएंडपी रूल्स में सिर्फ मान्यता प्राप्त संस्थानों से किए गए मान्यता प्राप्त डिप्लोमा को ही जगह दी गई है। ऐसे में अब विरोध करके कुछ संस्थान समाज व सरकार को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। ऊपर से फर्जीवाडे को भी बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने इस मामले में सूझबूझ दिखाई है। सरकार ने ऐसा कर जहां जूनियर ऑफिस असिस्टेंट आईटी के नियमों को पारदर्शी और स्पष्ट बनाया है, वहीं दूसरी ओर फर्जी संस्थानों को दरकिनार करके यह साबित किया है कि फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है।
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