पांवटा साहिब का गुरु गोविंद सिंह जी पार्क बदहाल
दीवार और झूले टूटे, चोटिल होने की आशंका
फोटो 1 से 5 और 12 नंबर
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। गुरु की नगरी पांवटा साहिब में बना शहर का एकमात्र श्री गुरु गोविंद सिंह जी पार्क बदहाल हो गया है। पार्क में छोटे बच्चों के मनोरंजन के लिए लगे झूलों की हालत खस्ता हो चुकी है। छह सालों से यह झूले टूटे पड़े हैं। झूलों में चोट लगने के भय से अभिभावकों ने अपने बच्चों को पार्क में भेजना ही बंद कर दिया है। लंबे अरसे से पार्क की दुर्दशा को सुधारने की मांग उठती रही है लेकिन, कोई कदम नहीं उठाए जा रहे। सिरमौर माइंस ओनर संघ के अध्यक्ष मीत सिंह ठाकुर, शाहबाज खान, सचिन, सुरजीत सिंह और यशपाल राणा का कहना है कि पूर्व नप अध्यक्ष अवतार सिंह तारी के कार्यकाल में मुख्य पार्क पांवटा में लाखों राशि खर्च कर बच्चों के लिए झूलों को लगाया गया था। इसके सौंदर्यीकरण करने के चलते लोग शाम के समय और अवकाश के दिन बच्चों को लेकर काफी संख्या में पार्क में पहुंचते थे लेकिन, पिछले कुछ वर्षों से टूटे पड़े झूलों की दशा सुधारने का कोई प्रयास नहीं हो सका। खस्ताहाल पार्क में टूटे झूलों से बच्चों में चोट की आशंका रहती है। अभिभावक बच्चों को पार्क मेें लाने से ही कतराने लगे हैं।
पार्क में फैली गंदगी, नहीं सुधरे हालात
पांवटा निवासी मोहनीश मोहन, भरत ठाकुर, मोहसीन, मनिंद्र सिंह मन्नी, लाल सिंह, वरुण शर्मा और प्रेम तोमर का कहना है कि पार्क की चहारदीवारी टूट कर बिखरने लगी है। साथ लगती एमसी की पॉश कॉलोनी की तरफ दीवार टूट चुकी है। इससे पार्क से इस कॉलोनी में कोई भी आ-जा सकता है। टूटी दीवार और पार्क में फैली गंदगी के ढेर देखे जा सकते हैं। पार्क की दशा को सुधारने के लिए पिछले कुछ वर्षों से बजट प्रावधान की बात होती रही है लेकिन धरातल की स्थिति कुछ और ही बयां कर रही है।
पांवटा नगर परिषद कमेटी की अध्यक्ष कृष्णा धीमान और उपाध्यक्ष नवीन शर्मा ने कहा कि पार्क के सौंदर्यीकरण पर बीस लाख बजट खर्च किया जाएगा। शीघ्र योजना का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। योजना में पार्क के सौंदर्यीकरण समेत बच्चों के लिए नए झूले लगेंगे। पाथ वे बनेंगे। बाउंड्रीवाल की मरम्मत और कैंटीन बनाना भी योजना में प्रस्तावित है।