धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने वाले को मिले फांसी
विभिन्न समुदाय से जुड़े लोगों का पांवटा साहिब में प्रदर्शन
मामले को लेकर एसडीएम को सौंपा मांगों का ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की हिमाकत करने वाले को फांसी की सजा देने की मांग पर मंगलवार को पांवटा में जोरदार प्रदर्शन हुआ। खराब मौसम के बावजूद विभिन्न समुदाय से जुड़े लोगों ने जोरदार रैली निकाली। मस्जिद गली से मुख्य बाजार, मिनी सचिवालय से लेकर थाना परिसर तक विरोध रैली निकालते हुए मेलियों धार्मिक स्थल में आगजनी व पवित्र पुस्तकें जलाने के आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की गई। लोगों ने शक जताया है कि आपसी सौहार्द बिगाड़ने की साजिश के पीछे और लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसलिए इस मामले की निष्पक्षता से गहन जांच की जानी जरूरी है।
पूर्व जिला परिषद सदस्य नासीर रावत, नजाकत अली हाशमी, मिश्रवाला के बीडीसी सदस्य फरीज खान, शुक्रदीन, मनोनीत पार्षद पांवटा नगर परिषद शब्बीर अहमद व मंजूर अली ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है। गिरफ्तार आरोपी से पिपलीवाला मस्जिद से उड़ाए सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर व पवित्र पुस्तक के पन्ने बरामद हुए हैं। दहशत व नफरत फैलाने का कार्य करने वाले इस गिरोह में और भी सदस्य शामिल हो सकते हैं। इसलिए पुलिस टीम को 22 दिसंबर तक का समय देते हैं। मेलियों मामले में कई और आरोपियों के शामिल होने की आशंका है। इनको गिरफ्तार किया जाए। शुक्रवार, 22 दिसंबर को पांवटा में बैठक होगी।
वक्ताओं ने कहा कि ऐसेे शरारती तत्वों का कोई भी मजहब व धर्म नहीं हो सकता है। केवल शांत क्षेत्र के माहौल को बिगाड़ना मकसद रहता है। लोगों ने एसडीएम पांवटा को ज्ञापन भी सौंपा। इसमें मेलियों धार्मिक स्थल मामले के सभी आरोपियों को शीघ्र दबोचने व दहशत फैलाने वाले गिरोह के शेष सदस्यों को शीघ्र सलाखों के पीछे धकेलने की मांग रखी है। ज्ञापन सौंपने के बाद रैली गुरुद्वारा मार्ग से होकर थाना परिसर के बाहर पहुंचे। गेट के पास आरोपी के खिलाफ जम कर नारेबाजी हुई। आरोपी को फांसी देने के नारे लगाए गए।
उधर, मेलियों मामले में गठित 27 सदस्यों की कमेटी में शामिल नजाकत अली हाशमी व फरीज खान ने कहा कि गिरफ्तार आरोपी से पिपलीवाला मामले में सबूत मिले हैं। मेलियों धार्मिक स्थल मामले में अभी तक ठोस सबूत नहीं है। मेलियों आग घटना व धार्मिक पुस्तकों को फूंकने के मामले में कई लोग शामिल हो सकते हैं। इसलिए 22 दिसंबर को पांवटा में बैठक रखी गई है जिसमें आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
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सुरेश तोमर-----