अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)।
राजकीय प्राथमिक पाठशाला कांडिया-कोटी में दो अध्यापकों व जलवाहक के नदारद रहने पर स्कूल प्रबंधन समिति व ग्रामीणों ने स्कूल में ताला जड़ दिया। इसकी सूचना प्राथमिक शिक्षा खंड अधिकारी को दी। बीईईओ ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को मनाकर स्कूल का ताला खुलवाया। साथ ही नदारद अध्यापक व जलवाहक के हाजिरी रजिस्टर पर प्रश्नवाचक चिन्ह लगाकर जल्द कार्रवाई की आश्वासन भी दिया।
जानकारी के अनुसार सोमवार को जब कोटी गांव के ग्रामीणों ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला कांडिया-कोटी के प्रांगण में स्कूल के बच्चों को खेलते देखा तो ग्रामीणों ने अध्यापकों के बारे में पूछा। बच्चों ने ग्रामीणों को बताया कि गुरुजी 3-4 दिनों से स्कूल ही नहीं आए हैं।
इस पर कोटी गांव के ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा।
स्थानीय ग्रामीण सुरेंद्र सिंह राणा, साधूराम राणा, एसएमसी अध्यक्ष राजूराम, विक्रम सिंह राणा, फकीर चंद सहित एक दर्जन से ज्यादा ग्रामीण स्कूल पहुंचे और स्कूल में ताला जड़ने के बाद मामले की सूचना प्राथमिक खंड शिक्षा अधिकारी शिलाई को दी। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग व नदारद अध्यापकों के प्रति रोष प्रकट करते हुए बताया कि स्कूल में दो अध्यापक और एक जलवाहक तैनात हैं लेकिन तीनों नदारद मिले। इसके बाद बीईईओ स्कूल पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर स्कूल का ताला खुलवाया। ताला खोलने पर हाजिरी रजिस्टर से पता चला कि स्कूल में तैनात एचटी तीन दिन, पेट शिक्षक व जलवाहक एक-एक दिन नदारद हैं। तीनों के हाजिरी रजिस्टर में बीईईओ ने प्रश्नवाचक चिन्ह लगा दिए।
उधर, प्राथमिक खंड शिक्षा अधिकारी शिलाई सुंदर सिंह वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि अध्यापकों का नदारद रहना बड़े खेद का विषय है। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा लगाए ताले खुलवा दिए हैं। आगामी कार्रवाई तक केंद्र विद्यालय कंडियारी से एक अध्यापक प्रतिनियुक्ति पर तैनात कर दिया है। साथ ही नदारद रहे शिक्षकों व जलवाहक को कारण बताओ नोटिस भेज दिए हैं। उन्होंने बताया कि लापरवाही बरतने वाले इन शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।