‘मन कर रहा है कुछ लिखूं, सोच रही हूं क्या लिखूं’
पांवटा साहिब में यशपाल जय जयंती पर कवि सम्मेलन आयोजित
राज्य स्तरीय समारोह में जुटे तीन दर्जन कवि और साहित्यकार
अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)। मन कर रहा है कुछ लिखूं, सोच रही हूं क्या लिखूं,...! एक लेखक के भाव दर्शाने वाली यह पंक्तियां पांवटा साहिब पंचायत समिति के सभागार में आयोजित कवि सम्मेलन में सरला गौतम ने सुनाई। मौका था, भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीस राज्य स्तरीय यशपाल जयंती समारोह का। सोमवार को पांवटा साहिब में इस समारोह का आगाज कवि सम्मेलन से हुआ।
समारोह में मूर्धन्य उपन्यासकार और कहानीकार यशपाल के पुत्र आनंद यशपाल बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का आगाज किया। विभाग के सहायक निदेशक भीम सिंह चौहान ने मुख्य अतिथि तथा प्रदेश भर से आए साहित्यकारों का स्वागत किया। पहले दिन आयोजित कवि सम्मेलन में प्रदेशभर से आमंत्रित तीन दर्जन से अधिक कवियों ने भाग लिया।
कवियों ने जहां सामाजिक कुरीतियों पर तंज कसे वहीं, नवोदित कवियों ने भी विभिन्न विषयों पर कविताएं प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व निदेशक अरुण शर्मा ने की जबकि मंच संचालक अल्का ने किया। शिवा धरावेश ने अपनी रचना के माध्यम से कहा कि ‘बन सकते हो तुम ताज किसी भी समाज का, बुलंद हौसलों से करो ऐलान अपनी आगाज का...’। शशि विवेक ने ‘तुम में साहस नई महाभारत लड़ने का, कौरवों को मार एक नया भारत गढ़ने का...’सुनाकर तालियां बटोरीं। सभी साहित्यकारों ने पांवटा में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने पर विभाग की निदेशक रुपाली ठाकुर का आभार जताया।
कवि सम्मेलन में मदन हिमाचली, डॉ. ओम प्रकाश राही, अरुण कुमार शर्मा, नासिर युसूफजई, श्रीकांत अकेला, आशा शैली, शशि विवेक, सरला गौतम, सवित्री तिवारी, चिरानंद शास्त्री, अनल पाल, उषा जोशी, जावेंद इकबाल, सविता ठाकुर आदि कवियों ने भाग लिया। समस्त कवियों ने अपनी-अपनी कविताएं सुनाकर तालियां बटोरीं।
---------संजय भारद्वाज