1.21 करोड़ से संवरेगा रेणुका परिक्रमा मार्ग
वन्य प्राणी विभाग ने तीन किलोमीटर में लगाई टाइलें
मार्ग की दशा सुधरने से हजारों पर्यटक और श्रद्धालु होेंगे लाभान्वित
अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)। रेणुका जी तीर्थ के परिक्रमा मार्ग पर इंटरलॉक टाइलें लगाने का कार्य पूर्ण हो चुका है। वन्य प्राणी विभाग ने तीन किलोमीटर लंबे इस परिक्रमा मार्ग पर इंटरलॉक टाइलें लगाकर मार्ग को चकाचक कर दिया है। इस कार्य पर 1.21 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। यही नहीं विभाग ने अगले चरण में मंदिर परिसर से स्नानघाट तक टाइलें लगाने का भी फैसला ले लिया है। खस्ताहाल परिक्रमा मार्ग की दशा सुधरने से हजारों पर्यटक लाभान्वित होंगे। विशेषकर वे जो यहां अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए नंगे पैर परिक्रमा करते हैं।
उल्लेखनीय है कि विभिन्न पर्वों के दौरान अधिकतर श्रद्धालु रेणुका झील की नंगे पांव परिक्रमा करते हैं। अब तक इस परिक्रमा मार्ग की दशा ठीक नहीं थी। इस कारण इन श्रद्धालुओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। यहां तक कि इस मार्ग पर बरसात का पानी भी बीच में ही इकट्ठा हो जाता था। यही नहीं, परिक्रमा मार्ग की बार-बार मरम्मत करवाने पर लाखों खर्च हो रहे थे, जबकि मार्ग था कि सुधरने का नाम नहीं ले रहा था। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए विभाग ने मार्ग की दशा को सुधारने का बीड़ा उठाया है। इसके चलते पूरे परिक्रमा मार्ग पर इंटरलॉक टाइलें लगाने का फैसला लिया गया। विभाग ने इस कार्य को लोनिवि के माध्यम से ठेके पर करवाया। ठेकेदार ने भी निश्चित समय अवधि में इस कार्य को पूर्ण कर दिया है। रेणुका तीर्थ से जुड़े संत महात्माओं ने भी परिक्रमा मार्ग पर टाइलें लगवाए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए विभाग का आभार प्रकट किया है। उधर, वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ राजेश शर्मा ने बताया कि रेणुका जी में परिक्रमा मार्ग पर इंटरलॉक टाइलें लगवाकर मार्ग की दशा को सुधार लिया गया है। स्नानघाट तक टाइलें लगवाने के लिए लोनिवि से इसका प्राक्कलन तैयार करवाया जा रहा है। अगले चरण में यहां टाइलें लगवा दी जाएंगी।