नाहन (सिरमौर)। जिले के ददाहू-संगड़ाह मार्ग पर स्कूल बस हादसे ने सबको भीतर तक झकझोर कर रख दिया है। मां की लोरी सुनकर सोने वाले मासूम ऐसी नींद सोए कि दोबारा उठ नहीं पाए। हादसे के बाद फिर वही हुआ। खाकी अलर्ट हो गई है। जगह-जगह नाके लगाकर वाहनों की चेकिंग की जा रही है। यातायात नियम पूरे नहीं होने पर चालान किए जा रहे हैं। दो दिन से चले इस अभियान के तहत जिलेभर में सैकड़ों वाहनों के चालान हुए हैं। अकेले नाहन में ही 40 से अधिक चालान किए गए। इसमें बसों की ओवरलोडिंग के चालान भी शामिल हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि नियमित तौर पर ऐसी चेकिंग होती रहे तो हादसे न होते। ऐसे स्थानों पर भी समय-समय पर पुलिस गश्त करके चालान काटे, जहां दुर्घटनाओं की आशंका अधिक रहती है।
खड़ेाली में हुए स्कूल बस हादसे के बाद सिरमौर पुलिस सक्रिय हो गई है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। 25 नवंबर को रेणुका-ददाहू सड़क मार्ग पर जलाल पुल के समीप हुए बस हादसे के बाद भी कई दिन तक पुलिस ने ऐसा ही अभियान छेड़ा था। यहां तक कि बसों में खड़े-खड़े सफर करने वालों के भी चालान काटे गए। छोटे वाहन वालों को भी नहीं बख्शा गया लेकिन हालात फिर जस के तस ही हुए। नियमित तौर पर वाहनों की चेकिंग नहीं हो पाई। हालांकि, स्कूल बस हादसे के पीछे रहे कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। बस में ओवरलोडिंग भी नहीं थी लेकिन, यदि इसी तरह नियमित रूप से वाहनों की चेकिंग होती रहे तो सड़क हादसों में काफी कमी आ सकती है। पिछले साल की तुलना सिरमौर में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के सिरमौर पुलिस ने अधिक चालान काटे हैं। इससे पूरे जिले में होने वाले सड़क हादसों में पिछले सालों की तुलना में कमी भी हुई है। अब उम्मीद है कि पुलिस नियमित रूप से यातायात नियमों को लागू करवाने के लिए सख्ती बरतेगी। एसपी रोहित मालपानी ने बताया कि दो दिनों से विशेष अभियान छेड़ा गया है। दुर्गम इलाकों में भी पुलिस चालान करती रहती है। भविष्य में ऐसे क्षेत्रों को और अधिक फोकस किया जाएगा। एसएचओ विजय ने बताया कि अकेले नाहन में ही एक दिन में 42 चालान किए हैं। इनमें बस, ट्रक, छोटे वाहन और बाइक आदि शामिल हैं।