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प्राक्कलन और योजनाएं बनाने में बीते सौ दिन

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अमर उजाला ब्यूरो
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नाहन (सिरमौर)।
जयराम सरकार के 100 दिन सिरमौर वासियों के लिए बड़ी सौगात नहीं लाए लेकिन सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जयराम सरकार ने टोल टैक्स में छूट देकर बड़ी राहत प्रदान की है। अब इलाके के लोगों को अपने ही घर वापस आने को टैक्स नहीं भरना पड़ेगा। सड़क, बिजली और पेयजल के साथ जनसमस्याओं पर विधायकों ने खूब जोर दिया। घर-घर जाकर लोगों की समस्याएं सुनी गईं।
सौ दिन में सरकार सिरमौर को बड़ी योजना नहीं दे पाई। अलबत्ता, विभिन्न परियोजनाओं के प्राक्कलन एवं डीपीआर बनाने के कार्य आरंभ कर दिए गए हैं। इन योजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली आदि के क्षेत्र में सुविधाएं जुटेंगी। नाहन शहर को हेरिटेज के तौर पर विकसित कर पर्यटन कारोबार बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। विधायक एवं विस अध्यक्ष राजीव बिंदल ने नाहन फाउंडरी को क्राफ्ट विलेज की बात कही है। जिला प्रशासन को भी इस बारे संभावनाएं तलाशने को कहा गया है। कालाअंब-सुकेती-खजुरना सड़क को 11 करोड़ रुपये मंजूर। यह योजना विधायक प्राथमिकता के तहत बनेगी। सीएम जयराम ठाकुर इसका 12 अप्रैल को शिलान्यास करेंगे। पांवटा बस स्टैंड को डेढ़ करोड़ बजट मंजूर हुए हैं। पांवटा बस स्टैंड का कुल प्रोजेक्ट 5 से 6 करोड़ का है। पांवटा से भंगानी को मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड करवाया गया। जबकि पांवटा में ही खराब पड़े 200 में से 170 हैंडपंप ठीक करवाए और 35 नए लगाए।
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क्या कहते हैं नेता----
जयराम सरकार को देते हैं 10 नंबर
पांवटा के विधायक सुखराम चौधरी व जिला भाजपा के अध्यक्ष राजेश्वर एवं पांवटा के विधायक ने बताया कि जयराम सरकार के सौ दिन उपलब्धियों भरे रहे हैं। पेंशन की आयु सीमा 70 वर्ष करने से लाखों बुजुर्गों को फायदा मिला। जबकि टोल टैक्स बैरियर में छूट मिलने से सीमावर्ती इलाकों के लोग लाभान्वित हुए। सिरमौर की कई बड़ी योजनाएं पाइप लाइन में है। वह जय राम सरकार को दस में से दस अंक देते हैं।
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तबादलों में ही बीते सौ दिन : सोलंकी
जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय सोलंकी ने कहा कि सौ दिन में सरकार कुछ नहीं कर पाई। सरकार राजनीतिक बदले की भावना से कार्य कर रही है। सरकार ने अपने सौ दिन का कार्यकाल तबादलों में ही बीता दिया। कई ऐसे कर्मचारियों के तबादले भी हुए कुछ दिन पहले ही ज्वाइन किया था। कर्मचारियों का राजनीतिक द्वेष की भावना से उत्पीड़न हो रहा है। इस सरकार को वह दस में से शून्य नंबर देते हैं।
 
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