अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)।
प्रस्तावित रेणुका बांध परियोजना के निर्माण स्थल पर फेंके जा रहे भारी भरकम मलबे को लेकर रेणुका बांध प्रबंधन हरकत में आ गया है। बांध प्रबंधन ने संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की बात कही है। हालांकि, इससे पहले बांध प्रबंधन संबंधित भूमि का आंकलन करने में जुट गया है। सड़क के मलबे से गिरि नदी के जिस भाग को खतरा हो रहा है यदि वह भूमि बांध प्रबंधन की निकली तो प्रबंधन संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएगा।
उल्लेखनीय है कि रेणुका हरिपुरधार मार्ग पर चल रहे खडकुल्ली उंगर कांडों सड़क निर्माण मार्ग का मलबा रेणुका बांध स्थल की जद में फेंका जा रहा है। इसको लेकर बांध बनने से पहले ही बांध स्थल पर सिल्ट जमा होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। बांध प्रबंधन इस बारे में कोई कार्रवाई करने से कतरा रहा है। मलबा और मिट्टी गिरने का क्रम अभी भी जारी है।
‘अमर उजाला’ ने 19 फरवरी को ‘रेणुका बांध स्थल पर फेंका जा रहा हजारों टन मलबा...’ शीर्षक से एक खबर को प्रकाशित किया था। प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते हुए बांध प्रबंधन हरकत में आ गया है। बांध प्रबंधन ने तत्काल इस बारे में कार्रवाई शुरू की है। बांध प्रबंधन ने जमीन की निशानदेही शुरू कर दी है।
उधर, रेणुका बांध के जीएम श्याम लाल डोगरा ने बताया कि भूमि की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा रहा है। यदि प्रस्तावित भूमि रेणुका बांध की जद में आती है तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध मामला दर्ज करने के साथ-साथ मलबा फेंकने का हर्जाना भी लिया जाएगा।