नाहन (सिरमौर)। बारिश न होने से सिरमौर के किसान रबी की फसल की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। जिला सिरमौर के कई क्षेत्रों में गेहूं की बिजाई का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।
अमूमन किसान 15 नवंबर तक क्षेत्र में गेहूं की बिजाई कर लेते थे लेकिन बारिश न होने के कारण जमीन की गुड़ाई तक नहीं हो पाई है। यहां बारिश न होने के कारण गेहूं की बिजाई का कार्य खटाई में पड़ गया है। वहीं सरसों, तिलहन और दूसरी फसलें भी बारिश न होने से प्रभावित हो रही हैं।
हालांकि, सिंचाई की सुविधा वाले क्षेत्रों के किसानों ने गेहूं की बुआई कर दी है लेकिन सिरमौर के 70 फीसदी किसान इंद्रदेव के रहमोकरम पर ही निर्भर हैं। धारटीधार, सैनधार व गिरिपार इलाके के कई किसान सूखे की स्थिति झेल रहे हैं। किसानों को खेतों में लगी अदरक, आलू व सरसों आदि फसलों के लिए भी पानी नसीब नहीं हो रहा है। लिहाजा कई क्षेत्रों में नकदी फसलें मुर्झाने लगी हैं। सिरमौर जिला के अधिकतर किसान मौसमी वर्षा पर ही निर्भर हैं।
माना जा रहा है कि यदि जल्द ही क्षेत्र में बारिश न हुई तो किसान गेहूं की बिजाई नहीं कर पाएंगे। किसान बेसब्री से बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि खेतों में नमी हो और वह गेहूं की बिजाई कर सकें। क्षेत्र का अधिकांश इलाका ऐसा है जहां सिंचाई योजना नहीं है। लोग सीधे तौर पर आसमानी पानी पर ही निर्भर हैं। बारिश न होने के कारण क्षेत्र के किसानों के माथों पर चिंता की लकीरें पैदा हो गई हैं। किसानों के खेत खाली पडे़ हुए हैं।
जिला के संगड़ाह, धारटीधार, पच्छाद, राजगढ़, कमरऊ, शिलाई व सैनधार इलाके के अनेकों गांवों में वर्षा न होने के कारण गेहूं, व अन्य फसलों की बिजाई का कार्य रुका पड़ा है। बिजाई का समय जैसे-जैसे निकला जा रहा है वैसे-वैसे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी गहरी होती जा रही है।
क्षेत्र के किसानों देशराज, प्रदीप, आकाश, सुबाथु, दूलो राम ने बताया कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो वह बिजाई नहीं कर पाएंगे।