बहुचर्चित युग हत्याकांड में प्रदेश हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद युग का परिवार गम में डूबा हुआ है। मां और दादी के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे। पिता भी अपने आंसुओं को पोंछते हुए प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले से असंतुष्ट नजर आए। युग के पिता विनोद गुप्ता ने कहा कि तीनों दोषियों को फांसी नहीं देनी है तो हम तीनों को फांसी दे दो।
घर के बाहर मंगलवार दोपहर के समय सन्नाटा पसरा था, तीनों घर के बाहर ही बैठे थे। युग के पिता विनोद गुप्ता ने कहा कि वह अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए ग्यारह वर्षों से लड़ रहे हैं लेकिन आज भी न्याय नहीं मिला है। न्याय प्रक्रिया में देरी से वह दुखी हैं। उन्होंने कहा कि जिला अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद तीनों दोषियों को सजा-ए-मौत की सजा सुनवाई थी लेकिन अब हाईकोर्ट ने दो दोषियों की सजा कम करके उम्रकैद और एक को बरी कर दिया है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि जब तीनों युग के अपहरण से लेकर हत्या तक साथ रहे तो एक को कैसे अदालत ने बरी कर दिया। वह इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और बेटे को न्याय दिलाने की लड़ाई जारी रखेंगे।
युग की मां पिंकी ने कहा कि वह अदालत के फैसले से असंतुष्ट हैं। मां पिंकी और दादी चंद्रलेखा का हाईकोर्ट के फैसले की सूचना मिलने के बाद से रो-रोकर बुरा हाल है। मां ने कहा कि जिला एवं सत्र न्यायालय के फैसले से उनका परिवार संतुष्ट था। बेटे के हत्यारों को इसी तरह की कड़ी सजा मिलनी चाहिए थी। पिता विनोद गुप्ता बोले कि वह हाईकोर्ट में पिछले सात वर्षों से सुनवाई में जा रहे थे लेकिन इस बार उन्हें सूचना ही नहीं दी गई कि आज फैसला सुनाया जाएगा। उन्हें मंगलवार सुबह इसकी सूचना मिली तो उन्होंने वकील को फोन करके इस बारे में जानकारी हासिल की। अब हाईकोर्ट के ऑर्डर की कॉपी मिलने के बाद वह सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए आगे की औपचारिकताओं को पूरा करेंगे।
युग जिंदा होता तो पंद्रह साल का होता : विनोद
14 जून 2014 को युग का उनके घर के बाहर से अपहरण कर लिया था। युग की उम्र उस समय महज चार साल थी। हाईकोर्ट का मंगलवार को फैसला आने के बाद परिवार के सामने अपने बेटे की यादें एक बार फिर ताजा हो गईं। बेटा किस तरह घर के बाहर खेलता था और कैसे माता-पिता और दादी के साथ लाड लड़ाता था, सबकुछ ऐसा फिर परिवार के सामने आ गया।
कलस्टन में पेयजल टैंक में मिला था कंकाल
युग के अपहरण के दो वर्षों तक परिवार उसके सलामत रहने की उम्मीद पाले हुए था लेकिन 22 अगस्त 2016 को विक्रांत की निशानदेही पर सीआईडी ने शहर के कलस्टन में पेयजल टैंक से युग का कंकाल बरामद किया तो उनकी सारी उम्मीदें टूट गईं। इसके बाद डीएनए रिपोर्ट में युग का कंकाल होने की पुष्टि हुई। पिता विनोद गुप्ता ने भावुक होते हुए कहा कि अगर आज बेटा जिंदा होता तो पंद्रह साल का हो जाता। बेटे को इस तरह से खोने के गम से आज भी उनका परिवार उभर नहीं पाया है।