सोमवार को प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण से पहले जनसुनवाई के दौरान गुस्साए लोगों ने जाठिया देवी से गुजर रहे स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल का घेराव कर दिया। मंत्री ने आश्वासन दिया कि कृषि भूमि का अधिग्रहण नहीं होगा, मंत्री विक्रमादित्य और मुख्यमंत्री से मामला उठाएंगे। इतना ही नहीं लोगों ने प्रोजेक्ट के लिए सर्वे कर रही कंपनी के खिलाफ गो बैक के नारे भी लगाए। इस मौके पर एसडीएम शिमला ग्रामीण के समक्ष प्रभावितों ने लिखित आपित्तयां दर्ज करवाईं।
शिमला शहर में बढ़ती भीड़ और दबाव को कम करने के लिए जाठिया देवी में सैटेलाइट माउंटेन टाउनशिप बनाने की योजना है। भूमि अधिग्रहण और प्लानिंग का जिम्मा हिमुडा को सौंपा गया है। बागी पंचायत के तहत 8 गांवों की भूमि का अधिग्रहण होेना है। 2014 में 250 बीघा जमीन लोगों ने स्वेच्छा से दी थी, अब 3000 बीघा से अधिक जमीन का अधिग्रहण होगा। यहां पहले चरण में 119 फ्लैट बनेंगे। इसमें वन, टू और थ्री बीएचके फ्लैट के अलावा विला ओर इको रिजॉर्ट बनाए जाने हैं।
बागी पंचायत के उपप्रधान देसराज ने कहा कि पंचायत के 8 राजस्व गांवों की जमीन का अधिग्रहण होना है। स्थानीय लोगों ने एक मत निर्णय लिया है कि किसी भी कीमत में प्रोजेक्ट के लिए जमीन नहीं देंगे। प्रोजेक्ट किसी अन्य जगह पर शिफ्ट किया जाए। स्थानीय लोगों को खानाबदोश बनाकर गैर हिमाचलियों को बसाने का षड्यंत्र रचा जा है। चनान गांव के सहीराम ने बताया कि सर्वे के मुताबिक खेत, खलिहान, घर सब कुछ लेने की तैयारी है। कोई राष्ट्रहित का प्रोजेक्ट होता तो थोड़ी बहुत जमीन दे भी देते, लेकिन यह तो कमाई का मॉडल है।
शिल्ली बागी के राम रतन ने बताया कि स्थानीय लोगों को विश्वास में लिए बिना ही अधिग्रहण की तैयारी शुरू कर दी गई है। देवता जुन्गा के कारदार बालकृष्ण ने बताया कि इस क्षेत्र में 11 मंदिर हैं, उनका भी अधिग्रहण होना है। पूर्व प्रधान मदन लाल शास्त्री ने कहा कि सरकार ने सामाजिक प्रभाव आकलन के लिए सर्वे किया, रिपोर्ट में माना है कि उपजाऊ भूमि है, आजीविका का मुख्य साधन खेती है, लोगों के पास रोजगार नहीं है। पूर्व प्रधान उमा शाडिल ने बताया कि जब से पंचायत भवन पर नोटिस लगा है, हम दशहत में हैं।