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Shimla: स्कूल के बाद जनगणना के आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे शिक्षक

Fri, 12 Jun 2026 08:52 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, बैहना (मंडी)।

सार

शिक्षकों का कहना है कि उन्हें जनगणना-2027 के लिए असमान समय दिया जा रहा है, जिससे कार्य पूरा करना असंभव होगा। 
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अदालत(सांकेतिक)। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजकीय टीजीटी कला संघ ने शिक्षकों को पूर्णकालिक शिक्षण के साथ अंशकालिक जनगणना कार्य सौंपने का विरोध किया है। संघ ने इस मामले को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में चुनौती देने का फैसला लिया है। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें जनगणना-2027 के लिए असमान समय दिया जा रहा है, जिससे कार्य पूरा करना असंभव होगा। संघ के प्रदेश महासचिव विजय हीर ने बताया कि गैर-शिक्षकों को जो काम आठ घंटे में करना है, वही शिक्षकों को दो से तीन घंटे में एक माह तक करना होगा। उन्होंने 11 जून को हमीरपुर के जिलाधीश से मिलकर पूर्णकालिक जनगणना कार्य के लिए ज्ञापन सौंपा था। हालांकि, जिलाधीश ने 12 जून को जारी पत्र में केवल समीप के वार्ड आवंटित करने की बात कही, जिससे मूल समस्या का समाधान नहीं हुआ। हीर के अनुसार 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक गृह गणना का कार्य निर्धारित है।

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शिक्षकों को इस कार्य के लिए अवकाश वाले केवल सात दिन ही मिलेंगे। पूर्णकालिक शिक्षण के साथ इन सात दिनों में जनगणना पूरा करना एक बड़ी चुनौती है। कुल्लू में भी ऐसे ही आदेश जारी हुए थे, लेकिन 11 जून 2026 को स्पष्टीकरण आया कि जनगणना कार्य सामान्य कार्य समय के दौरान भी किया जा सकता है। कुल्लू प्रशासन ने जनगणना को समयबद्ध और पूर्णकालिक दायित्व बताया था। संघ का आरोप है कि हमीरपुर के उपायुक्त द्वारा कुल्लू की भांति संशोधित आदेश जारी न करना शिक्षकों के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार है। संघ ने विद्यालय समय के बाद देर शाम तक घर-घर सर्वेक्षण करने पर गंभीर चिंता जताई है। इससे महिला शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर कई व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न होंगी। परिवहन सुविधा और घर वापसी भी एक बड़ी चुनौती होगी। संघ ने इन मुद्दों पर प्रशासन से तत्काल ध्यान देने की मांग की है। संघ का कहना है कि जनगणना अधिनियम के तहत लगाया गया यह दायित्व पूर्णकालिक प्रकृति का है। इसे केवल अंशकालिक या अवकाशकालीन कार्य के रूप में नहीं लिया जा सकता। शिक्षकों को पूरा दिन पढ़ाने के बाद अतिरिक्त कार्य सौंपना नियमों के खिलाफ है। यह शिक्षकों पर अनावश्यक बोझ डालता है और उनके शिक्षण कार्य को भी प्रभावित करेगा।
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