हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली में कथित अवैध मस्जिद निर्माण मामले में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं। इसी बीच धक्कामुक्की से एक महिला बाजार में गिर गई। इसके बाद महिला ने हंगामा किया। कहा कि हम स्थानीय लोग हैं, कोई आतंकी नहीं है।
संजौली में मस्जिद क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के दौरान जैसे ही भगदड़ मची कि कई स्थानीय लोग भी चपेट में आ गए। पुलिस की धक्कामुक्की से एक महिला बाजार में गिर गई। इसके बाद महिला ने हंगामा किया। कहा कि हम स्थानीय लोग हैं, कोई आतंकी नहीं है। पुलिस इस तरह से क्यों बर्ताव कर रही है। कई कारोबारियों ने भी सवाल उठाए। पुलिस जबरन दुकानों से लोगों को बाहर खदेड़ रही है। कई दुकानें जबरन बंद करवाई गई हैं। लाठीचार्ज होता देख लोग संजौली बाजार की गलियों में घुस गए। दुकानदारों ने तुरंत ही शटर बंद कर दिए।
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पुलिस जवानों के लिए लगाई ट्रैवलर
संजौली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस जवानों को एक स्थान से दूसरी जगह ले जाने के लिए एचआरटीसी के टैंपो ट्रेवलर भी तैनात किए गए थे। बाजार में पुलिस की गाड़ियां भी जगह जगह खड़ी रही। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भी लोगों पर ज्यादा बल प्रयोग नहीं किया। लेकिन जैसे ही प्रदर्शनकारी बेरिकेड हटाने लगे कि पुलिस ने भी इन्हें पीछे धकेलना शुरू कर दिया।
खाली हो गई दमकल की गाड़ी, फिर भरा
संजौली में प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया गया। इसके लिए दमकल के दो बड़े वाहन मौके पर पहुंचे थे। लेकिन भीड़ इतनी उग्र थी कि पानी का कोई असर नहीं हुआ। दोनों गाड़ियों का पानी खत्म हुआ तो संजौली टैंक से इसे भरने के लिए लाइन जोड़नी पड़ी। बाद में फिर से इन गाड़ियों में पानी भरा गया।