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Shimla News: स्कूली छात्र के पीछे भागा बंदर, गिरने से गंभीर घायल; बंदरों से राहत नहीं दिला सका प्रशासन

Fri, 22 Nov 2024 10:27 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बंदरों के झपटने और पीछे भागने से ऑकलैंड स्कूल में पढ़ने वाला छात्र गिरकर बुरी तरह चोटिल हो गया है। छात्र को उपचार के लिए आईजीएमसी के इमरजेंसी और ट्रॉमा ब्लॉक ले जाया गया। पढ़ें पूरी खबर...
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शिमला के रिज मैदान पर मौजूद बंदर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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राजधानी शिमला में बंदरों का आतंक बढ़ गया है। शहर के स्कैंडल प्वाइंट के पास कालीबाड़ी जाने वाली सड़क पर दोपहर बाद ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां पर बंदरों के झपटने और पीछे भागने से ऑकलैंड स्कूल में पढ़ने वाला छात्र गिरकर बुरी तरह चोटिल हो गया है। छात्र को उपचार के लिए आईजीएमसी लाया गया।

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मामला दोपहर पौने एक बजे का है। शहर के ऑकलैंड स्कूल में पढ़ने वाला 15 साल का छात्र अपने घर कैथू की ओर जा रहा था। इस बीच जब वह स्कैंडल प्वाइंट से आगे की ओर बढ़ा तो यहां पर बंदर झपट पड़े। बंदरों के डर से छात्र जैसे ही भागा तो वह यहां से निकलने वाली सीढि़यों के पास से दूसरी सड़क पर जा गिरा। हादसा इतना भयानक था कि देखते ही देखते यहां लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। इसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। छात्र को उपचार के लिए आईजीएमसी के इमरजेंसी और ट्रॉमा ब्लॉक ले जाया गया। इस दौरान छात्र का सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड किया। प्राथमिक उपचार के बाद छात्र को एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) में दाखिल किया है। बताया जा रहा है कि छात्र के पेट के अंदरूनी हिस्से में चोट लगी है। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने कहा कि छात्र की हालत स्थिर है।

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रिज और मालरोड पर बंदरों से राहत नहीं दिला सका प्रशासन
राजधानी में उत्पाती बंदरों ने लोगों को परेशान कर दिया है। आए दिन लोगों पर बंदरों के हमले हो रहे हैं। नगर निगम, जिला प्रशासन और वन विभाग मौन बैठे हैं। हालत यह है कि शहर के रिज मैदान और मालरोड पर भी बंदर उत्पात मचा रहे हैं।

शहर के मालरोड पर सीटीओ चौक के पास शुक्रवार को भी एक किशोर बंदरों के हमले में गिरकर घायल हो गया। यह पहला मामला नहीं है। स्थानीय कारोबारियों के अनुसार सीटीओ चौक से स्कैंडल प्वाइंट तक आठ से दस बंदरों की एक गैंग सक्रिय है। यहां फास्ट फूड और आईसक्रीम की दुकानें हैं। जैसे ही लोग इनसे खाने पीने की चीजें लेकर दुकानों से बाहर आते हैं, बंदर सामान लूटने पहुंच जाते हैं। कई बार लोगों पर हमले भी करते हैं। स्थानीय लोगों से ज्यादा सैलानी इनके हमले से परेशान हैं। रिज पर नगर निगम दफ्तर के बाहर भी बंदरों की एक गैंग सक्रिय है। यहां भी आए दिन लोगों पर हमले हो रहे हैं। इसके अलावा लक्कड़ बाजार, आईजीएमसी क्षेत्र में भी उत्पाती बंदरों से लोग परेशान हैं। जाखू, बैनमोर, संजौली और कनलोग समेत अन्य उपनगरों में भी बंदरों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं।

बढ़ रहे काटने की मामले, पकड़ने का काम बंद
शहर में बंदरों के काटने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। आईजीएमसी और डीडीयू अस्पताल में बंदरों के काटने के हर माह 100 से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। पहले मालरोड, मंदिरों और स्कूलों के आसपास मंकी वॉचर तैनात होते थे, जो बंदरों को भगाते थे। लेकिन पिछले कुछ साल से इनकी तैनाती भी बंद है। उधर, वन विभाग ने इन दिनों बंदर पकड़ने का काम भी बंद कर दिया है। इससे परेशानी और बढ़ गई है। हालांकि, विभाग का कहना है कि पिंजरों में अब बंदर पकड़ना आसान नहीं है। बंदर पिंजरे देखकर भाग रहे हैं।
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हमारे पास बंदर भगाने की टीमें नहीं : डीएफओ
शहर में वन विभाग के पास अभी बंदर भगाने के लिए कोई स्पेशल टीम नहीं है। विभाग सिर्फ बंदर के काटने पर पीड़ित लोगों को उपचार का खर्च देता है। शहर में समय समय पर बंदर पकड़ने की मुहिम भी चलाई जाती है- पवन चौहान, डीएफओ शिमला शहरी

निगम का काम नहीं, विभाग को लिखेंगे : मेयर
बंदरों को भगाने या पकड़ने का काम नगर निगम का नहीं है। लेकिन शहर की जनता की सुरक्षा के लिए निगम जल्द वन विभाग को पत्र लिखेगा। विभाग से मंकी वॉचर तैनात करने के लिए कहा जाएगा ताकि लोगों को राहत मिल सके- सुरेंद्र चौहान, महापौर नगर निगम शिमला।
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