रायजादा ने कहा कि सत्ती को मेरे होटल और व्यवसाय की बहुत चिंता है, जिनका कर्ज नियमानुसार माफ हुआ है। उन्होंने कहा कि कर्ज माफ करने की योजना पूर्व जयराम सरकार ने निकाली थी और उसी स्कीम का फायदा प्रदेश के हजारों लोगों ने लिया जिसमें वह भी शामिल थे। कर्जा चुकाया गया है, हड़पा नहीं गया है। यदि सत्ती के पास भ्रष्टाचार के कोई सबूत हैं तो वह न्यायालय का दरवाजा क्यों नहीं खटखटाते? क्यों कहीं लिखित शिकायत नहीं करते?
उन्होंने कहा कि सत्ती केवल बयानबाजी करके झूठे लांछन लगाकर राजनीतिक लाभ लेने की फिराक में रहते हैं। रायजादा ने कहा कि सत्ती को प्रदेश सरकार की चिंता करने की बजाए अपने कुनबे की फिक्र करनी चाहिए। कांग्रेस से गए नेताओं के चलते भाजपा में फूट पड़ चुकी है और सत्ती भी पुराने नेताओं का साथ देने की बजाए नए भाजपाई नेताओं की अगुवानी करने में जुटे हुए हैं। इससे यह साफ होता है कि वह मौकापरस्त नेता हैं। किसी पुराने नेता का साथ देने की बजाए मुनाफे की राजनीति करते हैं। रायजादा ने कहा कि मेरे व्यवसाय सार्वजनिक हैं लेकिन सत्ती ने कभी यह सार्वजनिक नहीं किया कि उनकी आय के क्या स्रोत हैं। कहां-कहां उन्होंने कारोबार में पैसा लगाया है।