अब यह परेशानी नहीं रहेगी। कंपनी का दावा है कि दो पंपों के जरिये शहर को करीब 15 एमएलडी पानी की सप्लाई दी जाएगी। शहर में अब तक लोगों को गर्मियों में पानी की किल्लत से जूझना पड़ता था। भीषण गर्मी के चलते गिरि और गुम्मा परियोजना में पानी कम हो जाता था। ऐसे में कंपनी को शहर में राशनिंग शुरू करनी पड़ती थी लेकिन शहर के कुछेक वार्डों में स्थिति खराब हो जाती थी। लोगों को पांचवें तो कभी आठवें दिन पानी की सप्लाई मिलती थी। इससे शहर में हाहाकार की स्थिति पैदा हो जाती थी। अब मंगलवार को सतलुज पेयजल परियोजना का पानी संजौली टैंक में पहुंचने से राहत की उम्मीद है।
सुबह साढ़े ग्यारह बजे के करीब एसजेपीएनएल कंपनी ने संजौली स्थित टैंक में सतलुज का पानी पहुंचने पर पूजा-अर्चना कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें शहर के महापौर सुरेंद्र चौहान, उपमहापौर उमा कौशल और शहरी विधायक हरीश जनारथा ने शिरकत की। पूजा-अर्चना के बाद पानी टैंक में डाला गया। इसके बाद लोगों को यह पानी दिया गया। एसजेपीएनएल कंपनी का दावा है अगले सप्ताह से शहर के लोगों को रोजाना पानी उपलब्ध करवा दिया जाएगा। गिरि और गुम्मा परियोजना से पहले की तरह पानी की सप्लाई शहर के मुख्य टैंक के लिए आती रहेगी।
ऐसे में करीब 55 एमएलडी पानी आने के बाद लोगों को पानी की राशनिंग का सामना नहीं करना होगा। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र कुमार अत्री, एसजेपीएनएल के प्रबंध निदेशक वीरेंद्र ठाकुर, महाप्रबंधक राजेश कश्यप, एजीएम दिनेश भारद्वाज, एसडीओ रंजीव शर्मा, जेई पुष्पराज शर्मा, प्रवीण शर्मा, पार्षद ममता चंदेल, कांता सुयाल, मीना चौहान, अंकुश वर्मा, विशाखा मोदी, किरण शर्मा, शांता वर्मा, विनीत शर्मा, वीरेंद्र ठाकुर, मोनिका भारद्वाज, शीनम कटारिया, उमंग बंगा, चमन प्रकाश और उर्मिला कश्यप समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
शहर में बनेंगे 21 भंडारण टैंक
500 करोड़ की लागत से परियोजना का पानी टैंक में आया है। 30 वर्षों तक पानी की किल्लत नहीं होगी। अतिरिक्त पानी आने से काफी लाभ होगा। इस पानी के स्टोरेज के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में 21 भंडारण टैंक बनाए जाएंगे। लगभग एक से डेढ़ साल में इनका काम पूरा हो जाएगा। -हरीश जनारथा, शहरी विधायक