बावजूद इसके शुक्रवार दोपहर को सैकड़ों लोग नमाज पढ़ने मस्जिद पहुंच गए। वहीं स्थानीय लोगों के विरोध के चलते मौके पर स्थिति बिगड़ने लगी, जिसके बाद कई लोग बिना नमाज पढ़े ही लौट गए। तनाव बढ़ता देख प्रशासन तुरंत हरकत में आया। एडीएम, एसडीएम, थाना प्रभारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल ने स्थिति को संभाला और दोनों पक्षों से बातचीत की और हालात को काबू किया। मस्जिद के बाहर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
गौरतलब है कि 30 अक्तूबर को जिला अदालत ने नगर निगम आयुक्त कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए संजौली मस्जिद के पूरे ढांचे को अवैध करार दिया था। हालांकि जिला अदालत के संजौली मस्जिद के अवैध निर्माण को गिराने का आदेश जारी किए जाने के अगले ही दिन सैकड़ों लोगों ने मस्जिद पहुंचकर नमाज अदा की थी। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा कि मस्जिद की शेष मंजिलें गिराए जाने से उन्हें बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ ने कहा कि बाहरी राज्यों के प्रवासी मजदूरों को नमाज अदा करने से रोक दिया था जबकि स्थानीय मुसलमानों को अंदर जाने की अनुमति दी है। संजौली क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन सतर्क है और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।