इसके अलावा कैंसर और सोरायसिस में इस्तेमाल होने वाली इंजेक्शन के सैंपल भी फेल हुए हैं। मिथोट्रीक्सेट इंजेक्शन-15 जो अगस्त 2026 में एक्सपायर होगा और मुंबई के बीडीएच इंडस्टी लिमिटेड उद्योग में निर्मित है। इसी तरह चीन के शंघाई के बाॅयो फार्मास्यूटिकल उद्योग में निर्मित पेट और स्तन कैंसर की दवा डोसिटैक्सल हाइड्रॉस आईपी का सैंपल फेल पाया गया है। हिमाचल व देश के अन्य राज्यों में निर्मित पैरासिटामोल, विटामिन सी इंजेक्शन, रेबाप्रेजोल, टेलिमिस्ट्रिन, पेंटाप्रोजोल सोडियम इंजेक्शन, एमॉक्सीलिन और पोटाशियम इंजेक्शन सहित अन्य के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं।
हिमाचल में बनी 59 दवाओं के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। जुलाई के ड्रग अलर्ट में सैंपल फेल होने वाली 40 फीसदी दवाएं हैं। इन सभी संबंधित उद्योगों को नोटिस जारी किए जाएंगे और बाजार से सभी दवाओं को वापस मंगवाया जाएगा। - मनीष कपूर, राज्य दवा नियंत्रक