मनाली और लाहौल के बीच 13050 फीट ऊंचा रोहतांग दर्रा आधिकारिक तौर पर 15 नवंबर से बंद हो जाएगा। साथ ही मनाली-लेह राजमार्ग पर भी वाहनों की आवाजाही बंद हो जाएगी।
लाहौल के मुख्यालय केलांग से आगे लेह के लिए वाहनों की आवाजाही 15 सितंबर से बंद हो चुकी है।
मनाली से केलांग तक ही वाहन चल रहे हैं। रोहतांग के बंद होते ही लाहौल घाटी भी शेष विश्व से कट जाएगी। ठंड बढ़ते ही पानी जमने के कारण रोहतांग में सफर जोखिम भरा हो रहा है।
मनाली और लाहौल की ऊंची चोटियों में बर्फबारी की संभावना के चलते प्रशासन हर वर्ष 15 नवंबर से रोहतांग दर्रा बंद कर देता है। इसके बाद जब तक बर्फबारी नहीं होती, तब तक छोटे वाहनों को मौसम के अनुसार अपने जोखिम पर ले जाया जाता है।
आधिकारिक रूप से रोहतांग दर्रा 15 मई तक बंद रहेगा। 15 नवंबर के बाद पैदल रोहतांग पार करने वालों के लिए मढ़ी और कोकसर में बचाव चौकियां स्थापित की जाएंगी। कम बर्फ होने तक स्थानीय और जानकार लोग ही पैदल रोहतांग को पार करते हैं।
इन दिनों ठंड के कारण रोहतांग दर्रे समेत अन्य स्थानों पर सड़क पर पानी जमना शुरू हो गया है। इस कारण रोहतांग दर्रे को वाहन चालक सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक पार कर रहे हैं।
टैक्सी यूनियन मनाली के महासचिव मक्कर ध्वज शर्मा ने बताया कि 15 नवंबर के बाद मौसम साफ रहने पर ही टैक्सियां चलाई जाएंगी।
उपायुक्त लाहौल-स्पीति वीर सिंह ठाकुर ने बताया कि रोहतांग दर्रा 15 नवंबर से अधिकारिक तौर पर बंद हो जाएगा। सर्दियों के लिए प्रशासन ने पूरे इंतजाम कर लिए हैं। खाद्य सामग्री, केरोसिन, पेट्रोल और डीजल का स्टॉक एकत्रित किया गया।