शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने नीट पेपर लीक मामले को केंद्र सरकार की बड़ी विफलता करार देते हुए कहा कि इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का अब तक इस्तीफा न देना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देशभर में नीट पेपर लीक को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार की परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े करते हैं। इस तरह की घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जानी चाहिए। राज्य सचिवालय में गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकारों की जिम्मेदारी है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हैं और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त एवं प्रभावी व्यवस्था जरूरी है।
भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता इस बात की है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए। हिमाचल प्रदेश में भी इस दिशा में कदम उठाए गए हैं और कई परीक्षाएं अब कंप्यूटर आधारित माध्यम से आयोजित की जा रही हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अनियमितताओं की संभावना कम होगी। रोहित ठाकुर ने कहा कि मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत 3,000 शिक्षकीय पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान शिक्षा विभाग में कुल 14,000 भर्तियां पूरी कर ली जाएंगी।
सीबीएसई स्कूलों में मेरिट के आधार पर होगी भर्ती
प्रदेश में चयनित किए गए सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियों को लेकर रोहित ठाकुर ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट के आधार पर की जाएगी। 6200 पदों के लिए करीब 9,000 सेवारत शिक्षकों ने परीक्षा दी थी। प्रिंसिपलों की नियुक्तियां की जा चुकी हैं, जबकि अन्य पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है और इसे जल्द पूरा किया जाएगा।
प्राथमिक शिक्षकों की चिंताओं पर सरकार सकारात्मक
प्राथमिक शिक्षकों की ओर से की जा रही पद यात्रा और क्लस्टर सिस्टम के विरोध पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुन रही है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यावहारिक और हितकारी समाधान होगा, उसे लागू करने पर विचार किया जाएगा।