मांगें पूरी न करने पर जेएसडब्ल्यू प्रबंधन के खिलाफ फूटा गुस्सा
पॉलिसियों का हवाला देकर किया जा रहा गुमराह : सिंघा
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। कड़छम-वांगतू एवं बास्पा हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन (सीटू संबद्ध) के आह्वान पर मंगलवार को छोल्टू में एक दिवसीय हड़ताल की गई। हड़ताल में मजदूरों ने रोष रैली निकाली और मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।
कुपा, किल्बा, कक्षथल और छोल्टू साइट के मजदूर छोल्टू बैंक के समीप एकत्रित हुए। वहां से रैली निकालते हुए वे जेएसडब्ल्यू कार्यालय के मुख्य गेट तक पहुंचे, जहां सभा आयोजित की गई। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन मजदूरों की जायज मांगों पर सकारात्मक बातचीत करने के बजाय टालमटोल का रवैया अपना रहा है और विभिन्न नीतियों का हवाला देकर समस्याओं का समाधान नहीं कर रहा।
यूनियन ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में 15 प्रतिशत वार्षिक वेतनवृद्धि, कंपनी की नीति के अनुसार 20 प्रतिशत बोनस, प्रति माह 7,500 रुपये पीएलआई, मूल वेतन का 40 प्रतिशत हिल एरिया भत्ता, 30 प्रतिशत एचआरए, कंपनी की नीति के अनुसार ग्रेच्युटी, सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष, पदोन्नति पर वेतन एवं भत्तों में वृद्धि, कर्मचारी की लिखित सहमति के बिना परियोजना से बाहर स्थानांतरण पर रोक, कंपनी परिसर में यूनियन कार्यालय, कंपनी की शेयर योजना का लाभ, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये का लाभ तथा कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार के एक सदस्य को रोजगार देना शामिल है।
यूनियन नेताओं ने कहा कि मजदूर अधिकारों, सम्मान और हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। मांगों पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि 13 जुलाई 2026 को मजदूरों ने अपने खून का तिलक लगाकर अधिकारों की लड़ाई अंतिम दम तक जारी रखने का संकल्प भी लिया था।
हड़ताल को सीटू के राज्य महासचिव प्रेम गौतम, राज्य सचिव कुलदीप सिंह, राज्य सचिव अमित कुमार, हिमाचल किसान सभा के राज्य महासचिव राकेश सिंघा, राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद, प्रेम चौहान, रंजीत, मिलाफ, जीता सिंह नेगी और राजमन नेगी ने संबोधित किया। सभा को स्थानीय यूनियन के अध्यक्ष मदन नेगी, महासचिव राजेश कुमार, चेयरमैन संतोष, सचिव श्याम, दीपन बाबा, सुखी साजन और रतन ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।