आनी में कई साल बाद भी नहीं हो पाए कचरा प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम। संवाद
ग्राउंड रिपोर्ट : दलाश में महिलाओं ने संयंत्र का किया था विरोध, अब बखनाओं में होगा स्थापित
कूड़े-कचरे के निस्तारण की व्यवस्था न होने से आनी में गंदगी का आलम
हरिकृष्ण शर्मा
आनी (कुल्लू)। आनी कस्बे में प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए वर्ष 2025 में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन योजना ला गई। दलाश में प्लास्टिक एकत्रीकरण एवं निष्पादन केंद्र स्थापित किया जाना था, लेकिन यह योजना पूरे साल विवाद और विरोध के कारण लटकी रही। अब इस योजना को स्थापित करने की जगह में बदलाव किया गया है, लेकिन इस योजना के लटकने से आनी कस्बा गंदगी की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। आलम यह है कि विवादों में योजना फंसी रही और कूड़े-कचरे के निस्तारण की व्यवस्था न होने के कारण आनी कस्बे में अव्यवस्था का कूड़ा हो गया है। जगह-जगह ठोस कचरा और प्लास्टिक का ढेर आम जनता के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। पूरे वर्ष इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार कोशिशें की गईं, लेकिन विरोध और प्रक्रियागत देरी के चलते यह प्रयास सफल नहीं हो सके। क्षेत्र में बढ़ती गंदगी और प्लास्टिक कचरे को नियंत्रित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने दलाश में प्लास्टिक एकत्रीकरण एवं निष्पादन केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया था। शुरुआती चरण में इस प्रस्ताव को प्रशासन की हरी झंडी मिली और आसपास की पंचायतों से प्लास्टिक कचरा एकत्र कर यहां लाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई। इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए आनी प्रशासन ने कई बैठकें कीं और दलाश के लिए आवश्यक मशीनें भी पहुंचा दी गईं, लेकिन अंतिम समय में दलाश की महिला मंडल की ओर से कड़े विरोध के कारण यह केंद्र वहां स्थापित नहीं हो पाया। स्थानीय महिलाओं ने पर्यावरणीय प्रभाव और स्वास्थ्य संबंधी चिंता जताते हुए इस संयंत्र को स्थापित करने का विरोध किया। इसके चलते पूरी प्रक्रिया रोकनी पड़ी। योजना में दलाश की जगह अब आनी के साथ लगती बखनाओं पंचायत को चुना गया है। पंचायत की ओर से चयनित वन भूमि के लिए एफआरए की फाइल तैयार कर विभाग को भेज दी गई है। स्वीकृति मिलते ही प्लास्टिक निष्पादन केंद्र बखनाओं में स्थापित किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा, ताकि क्षेत्र में फैली प्लास्टिक गंदगी पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।
बखनाओं पंचायत की ओर से भेजी गई फाइल पर स्वीकृति मिलते ही केंद्र की स्थापना को अंतिम रूप दिया जाएगा। उम्मीद कि जल्द ही यह योजना शुरू होकर आनी क्षेत्र की प्रमुख समस्या को हल करने में मदद करेगी।
-विद्या चौहान, बीडीओ आनी