4 लेबर कोड, लूहरी परियोजना के मजदूरों की मांगों को लेकर जारी रहेगा संघर्ष
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लूहरी हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के सम्मेलन में मुद्दों पर चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी रामपुर बुशहर। सतलुज नदी पर निर्माणाधीन 210 मेगावाट परियोजना में कार्यरत मजदूरों की मांगों और समस्याओं को दूर करने की सीटू ने मांग उठाई है। लूहरी हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन का तीसरा सम्मेलन शुक्रवार को नीरथ में संपन्न हुआ। सम्मेलन का संचालन करने के लिए चार सदस्यों का अध्यक्ष मंडल गठित किया गया, जिसने पूरे सम्मेलन का संचालन किया। सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए सीटू जिला अध्यक्ष कुलदीप डोगरा ने कहा कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों के मुनाफे को बढ़ाने के लिए मजदूर, किसान और आम जनता विरोधी नीतियां लागू कर रही है। मजदूर विरोधी चार लेबर कोड और मनरेगा कानून को खत्म करने के लिए लाए गए वीबी-जीरामजी कानून से मजदूरों के शोषण को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने इन लेबर कोड को तुरंत निरस्त करने और वीबी जी राम जी कानून को वापस लेने के लिए तीखा संघर्ष करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ये कोड मजदूरों के लोकतांत्रिक अधिकारों, सुरक्षा, वेतन और सामाजिक सुरक्षा को कमजोर करते हैं और ठेका, कॉन्ट्रैक्ट और अस्थायी रोजगार को बढ़ावा देते हैं। हड़ताल के अधिकार को लगभग निष्प्रभावी बना दिया गया है और स्थायी रोजगार की सुरक्षा समाप्त की जा रही है। उन्होंने सभी लेबर कोडों को तत्काल वापस लेने, पुराने श्रम कानूनों को बहाल करने और मजदूर हित में वैज्ञानिक संशोधन करने की मांग की।
प्रमोद को अध्यक्ष और सतीश को सौंपी महासचिव की कमान
सम्मेलन में 13 सदस्यों की नई कमेटी का गठन किया गया। इसमें प्रमोद पालसरा को अध्यक्ष बनाया गया। अमित को उपाध्यक्ष चुना गया। इनके अलावा सतीश को महासचिव, शुभम को सचिव और कुंदन शर्मा को कोषाध्यक्ष चुना गया। सदस्य के रूप में मंजीत, रजनीश, लोकेंद्र, रोहित जोशी, सुमन, सुरेंद्र, इंद्रा और नीतू को चुना गया। इस मौके पर सीटू जिला कमेटी सदस्य राजपाल, काम राज, तिलक और 1500 मेगावाट यूनियन के अध्यक्ष राजकुमार, चंद्रपाल सहित अन्य मौजूद रहे।