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Rampur Bushahar News: शहर में उत्पात मचा रहे बंदर, घमासान दो विभागों के अंदर

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रामपुर बाजार में बंदरों का बढ़ता आतंक बना लोगों के लिए परेशानियों का सबब। संवाद
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रामपुर में बंदरों के आतंक से कब मिलेगी निजात
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. शहर में लगातार बढ़ती समस्या के समाधान को वन विभाग उठाए उचित कदम
. नगर परिषद के विभिन्न वार्डों में बंदरों की समस्या से जूझ रहे लोग
. वन विभाग को बंदर पकड़ने के लिए नगर परिषद दे चुकी एक लाख की राशि
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर शहर में बंदर उत्पात मचा रहे हैं, वहीं बंदरों को पकड़ने के लिए दो विभागों के अंदर घमासान मचा हुआ है। लोगों को बंदरों की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर परिषद ने वन विभाग को बंदरों को पकड़ने के लिए कहा, तो वन विभाग का कहना है कि यह कार्य नगर परिषद के जिम्मे होना चाहिए। चार जिलों के प्रमुख व्यापारिक केंद्र रामपुर में बंदरों की समस्या बढ़ती जा रही है। बीते वर्ष शहर के साथ लगते ब्रौ क्षेत्र में बंदरों के हमले से बचाव के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। शहर के लोग लंबे समय से बंदरों की समस्या से जूझ रहे हैं लेकिन वन विभाग और नगर परिषद अभी तक बंदरों की समस्या से निपटने में नाकाम साबित हुए हैं। रामपुर शहर में बंदरों का खूब उत्पात मचा रहता है। इसे देखते हुए कोर्ट ने नगर परिषद और वन विभाग को इस समस्या से निपटने का आदेश दिया था। शहर के बंदरों को पकड़ने के लिए नगर परिषद ने वन विभाग को एक लाख रुपये की राशि भी दी। इसके बावजूद अभी तक पूरी तरह से समस्या का हल नहीं हो पाया है। नगर परिषद के अधिकतर वार्डों के लोग और कारोबारी बंदरों के उत्पात से परेशान हैं। शहर के लोग वन विभाग और नगर परिषद से समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठा रहे हैं। समीक्षा बैठक में यह मुद्दा उठा और वन विभाग ने बंदर पकड़ने का कार्य नगर परिषद को सौंपने को कहा लेकिन नगर परिषद ने इसपर पूरी तरह से आपत्ति जताई और वन विभाग को ही यह कार्य करने को कहा। वन विभाग को भी बंदरों को पकड़ने के लिए मंकी कैचर नहीं मिल रहे हैं। इस कारण यह समस्या बरकरार है।

वन विभाग को निर्देश दिए हैं कि शहर में बंदरों की समस्या से जल्द निपटा जाए। नगर परिषद क्षेत्र में लंबे समय से बंदरों की समस्या चल रही है, जिसका निपटारा करना जरूरी है। बंदरों से बचाव के लिए शहर के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। - नंद लाल, स्थानीय विधायक
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शहर के बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग को अब तक एक लाख रुपये की राशि दी जा चुकी है। यदि वन विभाग और राशि की मांग करता है तो वह भी उपलब्ध करवाई जाएगी। - बीआर नेगी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद

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