सांगला (किन्नौर)। जिले की सांगला वैली में शनिवार रात करीब 12 बजे आई भयंकर बाढ़ से रक्षम पंचायत का खरोगला और बटसेरी पंचायत का चिस्पान क्षेत्र पूरी तरह से प्रभावित हो गया है।
उपायुक्त गोपाल चंद ने बताया कि बटसेरी गांव की सुरक्षा को लेकर यहां पर सुरक्षा दीवार लगाई जाएगी। फिलहाल, बास्पा का जल स्तर काफी बढ़ा हुआ है। जैसे ही नदी का जल स्तर कम होगा, सुरक्षा दीवार का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। एक बार फिर बाढ़ ने ग्रामीणों के जख्म हरे कर दिए हैं। शनिवार रात करीब 12 बजे से 3 बजे तक खरोगला नाले में बाढ़ का खौफनाक मंजर रहा। इसके चलते खरोगला और बटसेरी गांव के दो दर्जन से अधिक किसान-बागवानों की नकदी फसल पूरी तरह तबाह हो गई। बाढ़ ने सेब, राजमा, आलू, चुल्ली, आड़ू और खुमानी सहित कई अन्य फसलों को भारी क्षति पहुंचाई है। वहीं क्षेत्र के कई बागवानों के खेत बाढ़ की चपेट में आने से पूरी तरह बह गए हैं। कई खेतों में पूरी तरह से सिल्ट भर गई है। ऐसे में क्षेत्र के किसान-बागवानों को लाखों का नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा खरोगला नाले पर लोक निर्माण विभाग की ओर से बनाए गए वैली ब्रिज की करीब 30 फीट लंबी सुरक्षा दीवार भी ढह गई है। इससे लोनिवि को भी 35 लाख का नुकसान हुआ है। साथ ही वन विभाग की कई सुरक्षा दीवारें भी बाढ़ की चपेट में आई हैं।
गौरतलब है कि 2007, 2009, 2011, 2016, 2017 और 2019 में भी नाले में बाढ़ आने से प्रभावित चिस्पान क्षेत्र में ग्रामीणों की हजारों बीघा भूमि जलमग्न हो गई थी। इसी तरह बीते कई वर्षों से स्थानीय लोगों सहित सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में बार-बार बाढ़ आने से सांगला वैली के लोग सहमे हुए हैं। नायब तहसीलदार सांगला अनिल राणा ने कहा कि बाढ़ से करीब 30 लाख का प्रारंभिक नुकसान आंका गया है। लोक निर्माण विभाग भावानगर के एक्सईएन राहुल सूद ने कहा कि विभाग को इस बाढ़ से करीब 35 लाख का नुकसान पहुंचा है। पुल की सुरक्षा दीवार ढह गई है।