फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बटसेरी में मटमैला पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

विज्ञापन
बटसेरी गांव में फिल्टर बैड न होने पर मटमैला पानी पीने पर मजबू लोग। - फोटो : RAMPUR-HP
विज्ञापन
सांगला (किन्नौर)। कल्पा खंड की आदर्श पंचायत बटसेरी में एक माह से मटमैले पानी की सप्लाई आ रही है। इस कारण हजारों ग्रामीण मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आईपीएच विभाग की लापरवाही लोगों की सेहत पर भारी पड़ सकती है।
विज्ञापन

बीते एक माह से ग्रामीण मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं। वर्षों से बिना फिल्टर बैड के ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति दी जा रही है। हालांकि पंचायत की ओर से इस बारे में कई बार विभाग को सूचित किया गया। बावजूद इसके विभाग समस्या का स्थायी समाधान करने में नाकाम साबित हो रहा है।
बटसेरी पंचायत के थुसारिंग, योसारिंग, माजसारिंग, जबलंग सारिंग, बोकारेन सारिंग, शिव मंदिर और देवता दुमती के आसपास के क्षेत्रों की हजारों आबादी वाले लोग मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं। आईपीएच विभाग की ओर से मोर फोरंग और कुटीन नाले से बटसेरी पंचायत के लिए पेयजल मुहैया करवाया जा रहा है, लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते वर्षों से एक फिल्टर बैड तक नहीं बनाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि आईपीएच विभाग समय-समय पर बिल तो थमा देता है, लेकिन विभाग ग्रामीणों के स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर बिना फिल्टर बैड के मटमैला पानी मुहैया करवा रहा है, जो सरासर आईपीएच विभाग की लापरवाही दर्शा रहा है।
विज्ञापन

ग्रामीणों रामलाल नेगी, त्रिलोक सिंह नेगी, रामकृष्ण नेगी, चंद्रिका, फूल कुमारी नेगी, मनोज कुमार नेगी, रामकुमार नेगी, यतेंद्र सिंह नेगी, पवन कुमार नेगी और यशपाल नेगी सहित कई अन्य ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और आईपीएच विभाग से शीघ्र फिल्टर बैड बनाने मांग की है।
बटसेरी पंचायत उपप्रधान गोवर्धन सिंह शानटेशटो ने कहा कि पंचायत के माध्यम से कई वर्षों से आईपीएच विभाग से मोर फारंग और कुटीन नाले के पास फिल्टर बैड लगाए जाने की मांग की गई, लेकिन विभाग इस समस्या का समाधान करने का कोई प्रयास नहीं कर रहा है, जिसका खामियाजा आज ग्रामीणों को मटमैला पानी पीकर भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन

उधर, आईपीएच विभाग रिकांगपिओ के एसडीओ दावा नेगी ने कहा कि जल्द ही फिल्टर बैड के लिए प्रपोजल तैयार किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को असुविधाएं न हो।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें