प्राकृतिक स्रोत से पैदल पीठपर ढोकर घर लाना पड़ रहा पानी
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ग्रामीणों ने जल शक्ति विभाग और सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर जताया रोष
आग की घटना के दौरान पानी की कमी से आई थी समस्या, चारों परिवारों का जल गया था मकान
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। उपमंडल ठियोग की कलींड पंचायत का टीर गांव पेयजल किल्लत से जूझ रहा है। कई वर्षों से गांव में पेयजल की समस्या बनी हुई है। सरकार और जल शक्ति विभाग के पेयजल मुहैया करवाने के दावे हवा हो गए हैं। हालत यह है कि 10 से 15 परिवारों को रोजाना प्राकृतिक स्रोत से पैदल पीठ पर पानी ढोकर घर पहुंचाना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को हो रही है। ग्रामीणों को दिन का बड़ा हिस्सा केवल पानी ढोने में ही खर्च करना पड़ रहा है। पशुओं के लिए भी पानी गाड़ी या पीठ पर ढोकर लाना पड़ता है। इससे ग्रामीणों का जीवन बेहद कठिन हो चुका है। कई महीने पूर्व गांव में आग की बड़ी घटना हुई थी। चार परिवारों के मकान जलकर राख हो गए थे। उस दौरान भी पानी की भारी कमी ने आग बुझाने के प्रयासों को कमजोर कर दिया था। उस समय नेताओं और अधिकारियों ने गांव में पेयजल समस्या का स्थायी समाधान करने के वादे किए थे, लेकिन समय बीतने के साथ वे वादे भी राख में दबकर रह गए। ग्रामीणों का आरोप है कि जल शक्ति विभाग और प्रशासन को कई बार समस्या से अवगत करवाया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। दस साल पहले गांव के पास पानी की बावड़ी सूख जाने के बाद हालात ज्यादा बिगड़ गए। गांव में पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए तीन चरणों की क्यार-बैजती घाटी-कोट टीर उठाऊ पेयजल योजना बनाई गई है। इस योजना के तहत एक बड़े क्षेत्र को पेयजल उपलब्ध होता है, जिसकी वजह से गांव में हफ्ते में दो बार पेयजल आपूर्ति होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि इन दो दिनों में पानी के कम प्रेशर और समयावधि की कमी की वजह से पानी की किल्लत बनी रहती है। कुछ वर्ष पहले कोटखाई कोट मंदिर तक पेयजल स्कीम चलाने की योजना थी, लेकिन समय बीतने के बाद वह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई।
गांव के लिए तीन चरणों में पेयजल योजना निरंतर रूप से चलाई जा रही है। गांव में पेयजल आपूर्ति की समय अवधि बढ़ाने के लिए ग्रामीण कार्यालय पहुंचे थे। समस्या के निपटारे के लिए गांव में अधिक समय के लिए पानी की आपूर्ति की जाएगी। वोल्टेज कम होने की समस्या के कारण स्कीम को अधिक समय तक नहीं चलाया जा सकता । वोल्टेज के अभाव के समस्या के बारे में बिजली बोर्ड को लिखित शिकायत भेजी गई है। संजीव मेहता, सहायक अभियंता, जलशक्ति विभाग सैंज