. वन विभाग ने भालू को पकड़ने के लिए लगाए दो जगह पिंजरे
. विभाग ने ग्रामीणों को किया सचेत, खेतों और जंगल में जाते वक्त सावधानी बरतने का किया आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर के ग्रामीण इलाकों में एक बार फिर भालू के आतंक से ग्रामीण सहमे हुए हैं। रिहायशी इलाकों में आए दिन भालू धमक रहे हैं, जिस कारण ग्रामीणों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। किसान-बागवान भी अपने खेतों, बगीचों और जंगल की ओर जाने से डर रहे हैं। दिनदहाड़े रिहायशी इलाकों में भालुओं के आने से ग्रामीण डर के साये में जीने को मजबूर हैं। वन विभाग ने क्षेत्र के ग्रामीणों से सावधानी बरतने और भालू के दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करने का आह्वान किया है। उपमंडल रामपुर की धारगौरा पंचायत के कोटी गांव और सराहन के साथ लगते रांवी गांव में दिनदहाड़े भालू क्षेत्र में घूम रहा है। बीते शनिवार को भालू ने भेड़ पालकों की बकरियों को मौत के घाट उतार दिया था। मंगलवार को कोटी गांव के साथ लगते जंगल में भालू फिर आ धमका। स्थानीय ग्रामीणों ने जैसे ही भालू को देखा, तो वे डर के मारे घबरा गए। हालांकि, उन्होंने हिम्मत कर भालू को यहां से भगाने में सफलता पाई। वहीं, साथ लगते सराहन क्षेत्र के रांवी गांव में भी भालू आ पहुंचा। गांव में भालू की लगातार हो रही आवाजाही से ग्रामीण डरे और सहमे हुए हैं। ग्रामीणों का अपने खेत और बगीचों में जाना खतरों भरा बना हुआ है। हालांकि, वन विभाग ने भालू को पकड़ने के लिए एक पिंजरा कोटी और एक पिंजरा रांवी गांव में स्थापित किया है। भालू की निगरानी के लिए कैमरा ट्रैप और विभागीय दल लगातार रेकी कर रहा है। ग्रामीणों को सुरक्षा के लिहाज से उचित कदम उठाने का आह्वान किया जा रहा है। रिहायशी इलाकों में भालुओं के आने की यह पहली घटना नहीं है। कई माह पूर्व भालू ने नोग वैली, ननखड़ी और साथ लगते इलाकों में भी खासा नुकसान पहुंचाया है। वन विभाग ने ग्रामीणों से आह्वान किया है कि घर से खेत और जंगल की ओर जाते समय सावधानी बरतें। सुबह तड़के और शाम के समय बगीचों, खेतों और वन सीमावर्ती क्षेत्रों में अकेले न जाएं। चलते समय आवाज करते रहें, ताकि भालू अचानक नजदीक से न चौंके। खाद्य अपशिष्ट, गिरे हुए फल, पशुओं का चारा एवं मधुमक्खी के छत्ते सुरक्षित रखें, क्योंकि ये भालू को आकर्षित करते हैं। रात के समय पशुओं को मजबूत बाड़े में रखें। भालू के पास न जाएं, फोटो खींचने का प्रयास न करें और न ही उसे घेरें। भालू और उसके बच्चों के बीच कभी न आएं और भालू के सामने आने पर भागें नहीं, धीरे-धीरे पीछे हटें और उसे रास्ता दें। भालू के दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें।
रांवी और कोटी गांव में पिंजरे किए स्थापित
वन मंडल अधिकारी रामपुर गुरहर्ष सिंह ने कहा कि रांवी और कोटी गांव में भालू को पकड़ने के लिए दो पिंजरे स्थापित किए गए हैं। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को सावधानी बरतने और विभाग की ओर से जारी दिशानिर्देशों का पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भालू से बचाव को लेकर ग्रामीणों का लगातार जागरूक किया जा रहा है। क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है।