रामपुर बुशहर। चार जिलों के प्रमुख अस्पताल खनेरी में मरीजों और लोगों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पदम वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुर में 18 से 44 वर्ष तक की आयु के लोगों का टीकाकरण होगा। वहीं आयुर्वेदिक अस्पताल का वैक्सीनेशन सेंटर केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला रहेगा। अस्पताल में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन दोनों केंद्र बदले हैं। वहीं पंचायतों में कोरोना जांच को बढ़ाने के लिए अब प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। रोजाना दो पंचायतों में जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें ग्रामीणों के सैंपल ले रही हैं।
कोरोना महामारी से निपटने के लिए सरकार, प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग व्यापक अभियान चलाए हुए हैं। अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात तैनात होकर कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने में जुटे हुए हैं। रामपुर के महात्मा गांधी खेनरी अस्पताल और आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों और लोगों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इन दोनों अस्पतालों से टीकाकरण केंद्र शिफ्ट किए हैं। 18 से 44 वर्ष की आयु के लोगों के लिए पदम छात्र स्कूल और प्राथमिक स्कूल में टीकाकरण केंद्र स्थापित किए गए हैं। इससे पूर्व जहां केंद्र सरकार द्वारा जन औषधि केंद्र वाले अस्पतालों में टीकाकरण करवाने की व्यवस्था की गई थी। वहीं अब कमान राज्य सरकार के हाथ में आने के बाद टीकाकरण केंद्रों का अस्पताल के बाहर चयन किया गया है ताकि अस्पताल में अधिक जमावड़ा न लगे।
कोरोजा जांच का बढ़ा दायरा
कोरोना संक्रमण से छिड़ी जंग जीतने के लिए अब पंचायत वार लोगों की कोरोना जांच सुनिश्चित की जा रही है। पंचायत स्तर पर ही लोगों के कोरोना टेस्ट लिए जाएंगे, जिसके लिए संबंधित पंचायत प्रधानों को सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानों को सूची तैयार कर संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी को सौंपनी होगी ताकि जांच का समय और दिन तय किया जा सके। प्रथम चरण में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दुर्गम पंचायत कूट और नरैण जाकर लोगों की कोरोना जांच कर रही है। रामपुर और ननखड़ी विकास खंड की दो पंचायतों को एक दिन में कवर करने का लक्ष्य रखा गया है।
एसडीएम रामपुर सुरेंद्र मोहन ने बताया कि संक्रमण से निपटने को विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात एक किए हुए हैं। उन्होंने कहा कि 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों के लिए पदम छात्र और प्राथमिक स्कूल में टीकाकरण केंद्र स्थापित किए गए हैं। पंचायत वार लोगों की कोरोना जांच सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना कर्फ्यू के दौरान नियमों की अवहेलना करने वाले को आठ दिन तक की जेल हो सकती है। महामारी को गंभीरता से लें।