आनी के 24 आयुर्वेदिक संस्थानों में 13 चिकित्सकों के पद खाली
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उपमंडलीय चिकित्सा अधिकारी को प्रतिनियुक्ति पर भेजा नालागढ़ हरिकृष्ण शर्मा
आनी (कुल्लू)। आनी विधानसभा क्षेत्र में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरातीं नजर आ रही हैं। हालात ऐसे हैं कि आनी के आयुर्वेदिक औषधालयों में न चिकित्सक हैं न स्टाफ और न ही दवाइयां उपलब्ध हैं। छह महीनों से औषधालयों में दवाइयों की नियमित सप्लाई नहीं हो पा रही है। परिणामस्वरूप, ग्रामीण क्षेत्रों की जनता आयुर्वेदिक उपचार से दूर होती जा रही है और मजबूरी में निजी अस्पताल या दूरदराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आनी विधानसभा क्षेत्र में कार्यरत एकमात्र उपमंडलीय आयुष चिकित्सा अधिकारी को सरकार ने प्रतिनियुक्ति पर नालागढ़ भेज दिया है। इससे पहले से ही चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे संस्थान पर अतिरिक्त बोझ पड़ गया है। आनी विधानसभा क्षेत्र में 24 आयुर्वेदिक संस्थान हैं, जिनमें से 13 पद चिकित्सकों के खाली पड़े हैं। इस गंभीर स्थिति का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है, जो आयुर्वेदिक चिकित्सा पर निर्भर हैं। आनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक लोकेंद्र कुमार ने उपमंडलीय आयुष चिकित्सा अधिकारी को प्रतिनियुक्ति पर भेजने पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने कहा कि यदि नालागढ़ में ही सेवाएं लेनी थीं, तो अधिकारी का सीधा तबादला कर दिया जाता, ताकि आनी के लिए किसी अन्य डॉक्टर की नियुक्ति संभव हो पाती। मौजूदा व्यवस्था से क्षेत्र की जनता के साथ सीधी अनदेखी की गई है। विधायक ने कहा कि निरमंड क्षेत्र के आयुर्वेदिक औषधालय सराहर, डमाह और सरगा केवल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के भरोसे चल रहे हैं, जहां चिकित्सकों की तैनाती नाममात्र की भी नहीं है। विधायक लोकेंद्र कुमार ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस समस्या का तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार व्यवस्था परिवर्तन की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर अपने चहेतों को खुश करने के लिए आम जनता के हितों की अनदेखी की जा रही है।
बहुत सी दवाइयां पहुंच चुकी हैं और कुछ की सप्लाई आनी बाकी है। जैसे ही सभी दवाइयां उपलब्ध होंगी, आनी क्षेत्र के औषधालयों को उनकी आपूर्ति भेज दी जाएगी। डॉ. सोनिया दुगल, जिला आयुष अधिकारी