स्टाफ की कमी के कारण अतिरिक्त काम का बोझ झेल रहे कर्मचारी
लोगों को भी आए दिन उठानी पड़ रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। जल शक्ति विभाग के मंडल नेरवा में स्टाफ की भारी कमी चल रही है। पूरे मंडल में नियमित कर्मचारियों के स्वीकृत 530 पदों में केवल 318 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। अभी नियमित कर्मचारियों के 212 पद रिक्त पड़े हैं। भारी संख्या में पद रिक्त पड़े होने के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। पूरे क्षेत्र की कई पेयजल और सिंचाई योजनाएं हांफ रही हैं। विभाग की अधिकतर पेयजल योजनाओं के स्रोत दुर्गम स्थानों पर स्थित हैं, जिनमें समस्या आने की स्थिति में पैदल ही जाना पड़ता है। इसमें कर्मचारियों को स्रोत तक पहुंचने में पूरा दिन लग जाता है। जिन पेयजल योजनाओं में कर्मचारी नहीं, उनमें समस्या आने पर अन्य पेयजल योजनाओं से कर्मचारियों को भेजना पड़ता है। मंडल और उपमंडलों के कार्यालयों में स्टाफ की कमी के कारण कार्य समय पर नहीं हो पाते हैं। इस कारण एक ओर जनता के लिए परेशानी, तो दूसरी ओर तैनात स्टाफ पर अतिरिक्त काम का बोझ है।
ये पद चल रहे रिक्त
नेरवा डिविजन में सहायक अभियंताओं के दो, कनिष्ठ अभियंताओं के आठ, डिविजनल अकाउंटेंट का एक, डिविजनल हेड ड्राफ्ट्समैन का एक, ड्राफ्ट्समैन के दो, जूनियर ड्राफ्ट्समैन के तीन पद खाली चल रहे हैं। इसके अलावा सीनियर असिस्टेंट के चार, जूनियर असिस्टेंट के दो और जूनियर असिस्टेंट आईटी का एक पद रिक्त पड़ा है। तकनीकी स्टाफ की कमी ही विकास में सबसे बड़ी परेशानी है। इसी तरह स्टेनो का एक, असिस्टेंट केमिस्ट का एक, लैबोटरी असिस्टेंट का एक, सर्वेयर के चार, डब्ल्यूडब्ल्यूसी और डब्ल्यूआई के 11 पद रिक्त चल रहे हैं। ड्राइवर के दो, चपरासी का एक, चौकीदारों के तीन, स्वीपरों के तीन, पैरा पीओ के तीन, बेलदारों/जलरक्षकों के 96, फिटरों के 33 और चौकीदारों के 21 पद रिक्त पड़े हैं।
स्टाफ की कमी का ब्योरा सरकार के पास उपलब्ध है। तैनात स्टाफ लोगों को बेहतर सुविधा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। खाली पदों को भरने का मामला सरकार के अधिकार क्षेत्र में रहता है।
रजनीश वर्मा, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग