बरसात और सर्दियों में दलदल में तबदील हो जाती है सड़क
सेब सीजन से पूर्व नहीं सुधरी हालत तो ग्रामीण करेंगे आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। रामपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत डंसा के तहत सुंडा से सनेई सड़क की खस्ता हालत के कारण रोजाना हजारों ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। करीब 6.5 किलोमीटर लंबी सड़क पर सफर करना जोखिम भरा बन गया है। लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण सड़क जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है।
ग्रामीणों, किसानों, बागवानों और स्कूली बच्चों ने कई वर्षों से सड़क सुधार की मांग उठाई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क की हालत नहीं सुधारी गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। बताया जा रहा है कि टारिंग का नामोनिशान मिट चुका है। जल निकासी के उचित प्रबंध न होने के कारण बरसात और सर्दियों में सड़क दलदल में बदल जाती है। बीते वर्ष हुई भारी बारिश के बाद सड़क पर जगह-जगह मलबा जमा है, जिसे अब तक हटाया नहीं गया।
सुंडा से जगूनी तक करीब पांच किलोमीटर सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत आती है। इसके बावजूद इसकी स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। इस सड़क से सुंडा, रायाशरण, कराली, थाना, जगूनी, पनोली और बाहली क्षेत्रों के लोग आवाजाही करते हैं, लेकिन सड़क की हालत के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
खस्ताहाल सड़क का असर किसानों और बागवानों पर भी पड़ रहा है। डंसा पंचायत के ऊपरी क्षेत्रों से हर साल लाखों सेब की पेटियां इसी सड़क के माध्यम से देश-प्रदेश की मंडियों तक पहुंचाई जाती हैं, लेकिन खराब सड़क के कारण उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
बागवान पवन हुडन, सुरजीत हुडन, दिनेश कुमार, सव्यसाची मेहता, अमित, शिशु पाल, राज मेहता, दुर्गा सिंह, कामराज कैथ, नरेंद्र कुमार, लायक राम, अनिल नेगी और सूरज नेगी ने सरकार और लोक निर्माण विभाग से सेब सीजन से पहले सड़क को दुरुस्त करने की मांग की है।
कराली से सनेई तक कुछ स्थानों पर अनधिकृत कब्जों के कारण सड़क संकरी हो गई है। इसे हटाने के लिए राजस्व विभाग के सहयोग से निशानदेही की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। साथ ही विभाग जल्द ही पैचवर्क कर सड़क को दुरुस्त करेगा।
-अंकुश जमवाल, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग