एसीजेएम कोर्ट नंबर-एक रोहडू़ मनीषा गोयल की अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद सोनू देष्टा को दोषी करार दिया है। दोषी को अलग-अलग धाराओं के तहत तीन साल साधारण कारावास और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
पुलिस टीम के साथ मारपीट के मामले में अदालत ने दोषी को तीन साल के कारावास और दस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने का भुगतान न करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। एसीजेएम रोहडू़ की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। जानकारी के अनुसार 11 अप्रैल 2016 को उत्तराखंड पुलिस की टीम हत्या के आरोप में वांछित व्यक्ति की तलाश के लिए फोन लोकेशन के आधार पर रोहडू़ के समीप समोली पुल पहुंची थी। इसी बीच पुलिस के एक जवान को आरोपी की निगरानी के लिए रखा गया था। उत्तराखंड पुलिस की टीम आरोपी की तलाश के लिए मांदली गांव की तरफ निकली थी। इस दौरान सिमोली पुल पर तैनात पुलिस के एक जवान को सैंजी निवासी सोनू देष्टा ने कमरे में बंद कर दिया। उत्तराखंड पुलिस के जवान ने इसकी सूचना टीम को दी।
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जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो दोषी ने उनके साथ भी बदसलूकी की। उत्तराखंड पुलिस की टीम ने इसकी सूचना रोहडू़ पुलिस थाने में दी। इसकेबाद रोहडू़ पुलिस की टीम ने आरोपी के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, ड्यूटी के दौरान मारपीट करने सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई करने के बाद एसीजेएम कोर्ट नंबर-एक रोहडू़ मनीषा गोयल की अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद सोनू देष्टा को दोषी करार दिया है। दोषी को अलग-अलग धाराओं के तहत तीन साल साधारण कारावास और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। सरकार की ओर से मामले की पैरवी सहायक जिला न्यायवादी सरोज मेहता ने की।