रामपुर डिपो के 28 रूट अब भी बंद, 11 स्थानों पर फंसीं बसें
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ग्रामीण, स्कूली बच्चे और कर्मचारी वर्ग रोजाना झेल रहे परेशानी इस वर्ष आपदा से निगम प्रबंधन को पहुंच रहा लाखों का नुकसान रामपुर, ननखड़ी और कोटगढ़ क्षेत्र में सामान्य नहीं हो पाई परिवहन सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी रामपुर बुशहर। बरसात से उपमंडल रामपुर की अधिकांश सड़कों को नुकसान पहुंचा है। अभी तक परिवहन व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई है। रामपुर के 11 रूटों पर निगम की बसें फंसीं हुई हैं और 28 ग्रामीण रूट अभी भी ठप हैं। इससे निगम प्रबंधन को रोजाना लाखों का नुकसान हो रहा है। इस वर्ष बारिश ने तीन महीने समूचे क्षेत्र में तबाही मचाई है। सबसे अधिक प्रभावित दुर्गम और ग्रामीण इलाकों के ग्रामीण हुए हैं। अधिकतर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जो अभी तक दुरुस्त नहीं हो पाई हैं। कई सड़कें तो ऐसी हैं, जहां यातायात बहाल होने में कई महीने लग जाएंगे। खासकर, रामपुर के दुर्गम 12/20 और 15/20 क्षेत्रों के ग्रामीण, स्कूली बच्चे और नौकरीपेशा से जुड़े लोग रोजाना दिक्कतें झेल रहे हैं। यातायात सुविधा ठप होने के कारण उन्हें कई किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ रहा है।
रामपुर डिपो के 28 ग्रामीण रूट अभी भी पूरी तरह से बंद पड़े हैं, जबकि कई ग्रामीण रूटों पर निगम की बसें फंस गई हैं। रामपुर, कोटगढ़ और ननखड़ी क्षेत्र में निगम की 11 बसें अभी भी नहीं निकल पाई हैं। 12/20 क्षेत्र के सेरीपुल में सड़क का सौ मीटर से अधिक लंबा हिस्सा ध्वस्त हो गया है। ऐसे में क्षेत्र की चार पंचायतों के हजारों ग्रामीण सड़क सुविधा को तरस गए हैं। यही हाल 15/20 क्षेत्र का भी है। यहां गानवी में बाढ़ से मची तबाही के बाद से यातायात व्यवस्था ठप पड़ी है। हालांकि, दोनों सड़कों पर जहां तक संभव है, वहां तक बसें भेजी जा रही हैं। यही हाल ग्रामीण रूटों का भी है। ग्रामीण इलाकों में संभावित स्थानों तक ही बसों को चलाया जा रहा है, जबकि कई रूटों को समायोजित कर चलाया जा रहा है। निगम प्रबंधन रोजाना आर्थिक मार झेल रहा है, वहीं हजारों ग्रामीण सड़कें खुलने और बस सेवाएं बहाल होने की उम्मीद लगाए हुए हैं। परिवहन निगम रामपुर डिपो के आरएम उमेश ठाकुर ने बताया कि रामपुर डिपो के 28 रूट अभी भी बंद पड़े हैं, जबकि 11 पर बसें बीते लंबे अरसे से फंसी हुई हैं। उन्होंने कहा कि सड़कें बहाल होते ही बस सेवाओं को शुरू कर दिया जाएगा।