150 बिस्तर की सुविधा वाले अस्पताल में चिकित्सकों के 15 पद स्वीकृत, छह के सहारे स्वास्थ्य व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। सिविल अस्पताल ठियोग में एनेस्थीसिया के चिकित्सक का पद रिक्त होने से कई ऑपरेशन लटक गए हैं। वर्तमान में अस्पताल में सर्जरी विशेषज्ञ और स्त्री रोग विशेषज्ञ अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन एनेस्थीसिया के डॉक्टर के बिना ये दोनों डॉक्टर तकनीकी रूप से ऑपरेशन नहीं कर पा रहे हैं। दो वर्षों में अस्पताल में विभिन्न बीमारियों को ठीक करने के लिए 450 से अधिक ऑपरेशन किया जा चुके हैं, लेकिन जनता को अब ये सभी ऑपरेशन करवाने के लिए शिमला जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसके अलावा अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ, आंखों के डॉक्टर, ईएनटी विशेषज्ञ, स्किन के डॉक्टर सहित कई अन्य पद भी खाली हैं। मंगलवार को एक स्त्री रोग विशेषज्ञ का स्थानांतरण हो गया है। 150 बिस्तर की सुविधा वाले अस्पताल में से चिकित्सकों के 15 पद स्वीकृत हैं, लेकिन अस्पताल छह डॉक्टरों के सहारे चलाया जा रहा है। अस्पताल में रोजाना 400 से अधिक मरीज अपना इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन कई विशेषज्ञ डॉक्टरों के न होने की वजह से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
डेढ़ साल अल्ट्रासाउंड की मशीन नहीं
वहीं, सिविल अस्पताल में पिछले डेढ़ साल अल्ट्रासाउंड की मशीन नहीं है। इसके अलावा रेडियोलॉजिस्ट का पद भी खाली चल रहा है। पेट संबंधी बीमारियों और स्त्री रोग संबंधी रोगों के इलाज के लिए अल्ट्रासाउंड की जरूरत पड़ती है। क्षेत्र के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने मशीन को अपनी विधायक प्राथमिकता में स्थान दिया है, लेकिन उनकी प्राथमिकता के बावजूद यह सुविधा लोगों को नहीं मिल पाई है। स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल ने अस्पताल दौरे के दौरान अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने के घोषणा की थी, जोकि कागजों में कहीं दब कर रह गई।
उच्चाधिकारियों को किया है सूचित
अस्पताल में इन दिनों सिर्फ 6 डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे है ,जबकि 14 कुल डॉक्टर की जरूरत है। पिछले मंगलवार से अस्पताल में सभी ऑपरेशन बंद कर दिए हैं, वही आला अधिकारियों को कई बार इस बारे में सूचित कर दिया है।
-डॉ पवन शर्मा, एसएमओ, सिविल अस्पताल ठियोग