सड़क सुधरने से हजारों लोगों, किसानों-बागवानों, सेना के जवानों समेत पर्यटकों को मिलेगा लाभ
बीरबल नेगी
सांगला (किन्नौर)।
किन्नौर और काजा-स्पीति को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-पांच का चौरा से पोवारी जीरो पॉइंट तक करीब 61 किलोमीटर लंबा हिस्सा जल्द सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधीन होगा। इसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और बीआरओ की ओर से एनएच का संयुक्त निरीक्षण किया जा चुका है। अब एनएचएआई की ओर से आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर एनएच को बीआरओ के सुपुर्द करने की तैयारी है। एनएच पर करीब 61 किलोमीटर लंबे हिस्से की हालत बेहद खराब है। निगुलसरी, नाथपा, टापरी के पास पागलनाला, रल्ली, लाल डांक, शोंगठोंग और पोवारी जैसे संवेदनशील स्थानों पर एनएच की स्थिति वाहन चालकों और यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। कई जगह पहाड़ी से भूस्खलन का खतरा भी बना रहता है। एनएच के बीआरओ के अधीन होने के बाद इसके रखरखाव और सुधार कार्यों को लेकर स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है। एनएच की स्थिति बेहतर होने से किन्नौर जिले के निचार, कल्पा और पूह विकासखंडों की करीब 80 पंचायतों के लोगों सहित किसानों-बागवानों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा काजा-स्पीति क्षेत्र की आवाजाही, सेना और आईटीबीपी के जवानों और पर्यटकों के लिए भी यह एनएच महत्वपूर्ण है। इसकी दशा सुधरने से बेहतर सड़क का लाभ मिलेगा। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि बीआरओ के अधीन आने के बाद संवेदनशील हिस्सों में सड़क सुधार, रखरखाव और यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के काम में तेजी आएगी। संवाद
एनएच का संयुक्त निरीक्षण किया जा चुका
एनएचएआई के अधिशासी अभियंता केएल सुमन और बीआरओ के पोवारी स्थित ऑफिसर कमांडिंग अक्षय दुबे ने बताया कि एनएच का संयुक्त निरीक्षण किया जा चुका है। जल्द ही आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सड़क को बीआरओ के अधीन किया जाएगा। एनएच के सुधार को लेकर उच्च अधिकारियों के स्तर पर चर्चा के बाद रणनीति तैयार की जाएगी और आवश्यक कार्य किए जाएंगे।