दोनों दलों ने नगर परिषद में अपनी कमेटी बनाने का दावा किया
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)।
नगर परिषद ठियोग के चुनाव परिणाम आने के बाद अध्यक्ष पद को लेकर सियासी समीकरण पूरी तरह उलझ गए हैं। सात वार्डों वाली नगर परिषद में कांग्रेस समर्थित तीन उम्मीदवारों और भाजपा समर्थित तीन उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है, जबकि एक पार्षद ऐसा है जिस पर दोनों दलों की नजरें टिकी हुई हैं। यही पार्षद अब नगर परिषद में सत्ता की चाबी माना जा रहा है। वार्ड नंबर-एक, दो और सात से कांग्रेस पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार जीते हैं। वार्ड नंबर -तीन, चार, पांच और छह से भाजपा समर्थित उम्मीदवार विजय हुए हैं।
वार्ड नंबर-चार में भाजपा ने अपना प्रत्याशी खड़ा किया था, जिसके लिए भाजपा मंडल पिछले दिनों से सक्रिय और चुनाव प्रचार कर रहा था, लेकिन उन्हें इस चुनाव में हार मिली है। इसी वार्ड से जीते उम्मीदवार पर अब पूरी नजरें जमी हैं। चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों ने नगर परिषद में अपनी-अपनी कमेटी बनाने का दावा ठोक दिया है। दोनों दलों के नेता निर्वाचित पार्षदों के संपर्क में जुट गए हैं और अध्यक्ष पद के लिए जोड़-तोड़ का दौर शुरू हो गया है। नगर परिषद चुनाव में कुल 1,890 मतदाताओं में से 1,538 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। मतदान प्रतिशत 80.85 फीसदी दर्ज किया गया, जो स्थानीय लोगों की चुनाव के प्रति गंभीरता और उत्साह को दर्शाता है। वार्ड नंबर -एक से कांग्रेस समर्थित मदन शर्मा ने 128 वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी रीना रॉय को 97 वोट मिले। वार्ड नंबर-दो में कांग्रेस समर्थित कमला शर्मा ने 155 वोट लेकर भाजपा समर्थित शीला को 80 वोटों पर रोक दिया। वार्ड नंबर-तीन में मुकाबला बेहद रोचक रहा। यहां भाजपा समर्थित सीमा ने 91 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस समर्थित जीलाल को 70 और निखिल सहगल को 20 वोट मिले। वार्ड नंबर-चार में कुसुम शर्मा ने 157 वोट लेकर शानदार जीत हासिल की। इस वार्ड से अंजना वर्मा को 83, भाजपा समर्थित शांता शर्मा को 32, सीमा शर्मा को 25 और नोटा को एक वोट मिला। वार्ड नंबर-पांच में भाजपा समर्थित भारती सूद ने 83 वोट लेकर विजयी हुई। रंजीता सूद को 76 वोटों मिले। सबसे चर्चित मुकाबला वार्ड नंबर छह में देखने को मिला, जिसे इस चुनाव की “हॉट सीट” माना जा रहा था। भाजपा समर्थित दिनेश शर्मा ने 117 वोट प्राप्त कर पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष विवेक ठाकुर को बेहद करीबी मुकाबले में दो वोटों से हराया। विवेक ठाकुर को 115 वोट मिले, जबकि नोटा को एक वोट पड़ा। वार्ड नंबर-सात से कांग्रेस समर्थित करुणा कंवर ने 86 वोट लेकर जीत दर्ज की। उनकी प्रतिद्वंद्वी निशा को 49 और सोनिया को 61 वोट मिले, जबकि नोटा को एक वोट प्राप्त हुआ। चूंकि नगर परिषद अध्यक्ष पद महिला के लिए आरक्षित है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में नगर परिषद की राजनीति और अधिक गर्माने वाली है। दोनों दल अपने-अपने पक्ष में बहुमत साबित करने की कोशिश में जुटे हुए हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि निर्णायक पार्षद आखिर किसके साथ जाता है और ठियोग नगर परिषद की सत्ता किसके हाथ लगती है। भाजपा मंडल अध्यक्ष दूनी चंद ने भाजपा की जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि चार पार्षद भाजपा के है, जिससे परिषद पर भाजपा कि कब्जा हो गया हैं। अगले पांच सालों तक स्थिर व अनुशासित परिषद का गठन किया जाएगा। विधायक कुलदीप सिंह राठौर की ओर से केंद्र की मदद से किए जाने वाले कार्यों का श्रेय लेना जनता को नहीं लुभाया, जिसका परिणाम सामने है। कांग्रेस मंडल अध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया कि तीन पार्षद कांग्रेस के हैं और चौथा पार्षद भाजपा से रुष्ट हैं। कांग्रेस पार्षद को अपने साथ मिलकर स्थिर और मजबूत परिषद का गठन करेगी। विधायक कुलदीप सिंह राठौर के नेतृत्व में कस्बे में विकास कार्यों को गति दी जाएगी ।