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सड़कों से मलबा तक नहीं हटा सकी सरकार : बरागटा

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भाजपा प्रदेश आईटी एवं सोशल मीडिया प्रदेश प्रभारी चेतन बरागटा। स्रोत: भाजपा 
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बोले, कोटखाई के 11 बस रूट बंद, अच्छा होता केंद्र सरकार की योजनाओं का झूठा श्रेय लेने की जगह सड़कों की दशा सुधारते रोहित
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संवाद न्यूज एजेंसी


रोहड़ू। भाजपा प्रदेश आईटी एवं सोशल मीडिया प्रभारी चेतन बरागटा ने कहा कि शिक्षा मंत्री केंद्र सरकार की ओर से स्वीकृत योजनाओं का झूठा श्रेय लेने में व्यस्त हैं। वहीं उनकी विधानसभा क्षेत्र की दर्जनों सड़कें आज भी बसों के चलने योग्य नहीं हैं। बेहतर होता कि शिक्षा मंत्री प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का श्रेय लेने की बजाय अपने क्षेत्र की सड़कों को सुधारने का प्रयास करते। आज स्थिति यह है कि कोटखाई क्षेत्र के लगभग 11 रूटों पर हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें लंबे समय से नहीं चल पा रही हैं।
उन्होंने कहा कि बंद पड़े प्रमुख रूटों में कोटखाई-चैथला, कोटखाई-टहटोली-देवरीघाट, शिमला-थरोला-टिक्कर, कोटखाई-गुम्मा-रयोघाटी, शिमला-क्यारी, शिमला-कराल-कुईनल और कोटखाई-रामनगर शामिल हैं। भारी बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण शिमला-हलाईला वाया बखोल, कोटखाई-गरोग, कोटखाई-क्यारी-रयोघाटी और कोटखाई-थरोला-टाऊ रूट भी अब तक बंद हैं। चार महीने बीत जाने के बाद भी शिक्षा मंत्री अपनी विधानसभा की सड़कों को बस योग्य नहीं बनवा पाए हैं।
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बरागटा ने कहा कि कोटखाई क्षेत्र के सात रूट तो पिछले दो साल से ठप हैं। शिक्षा मंत्री आए दिन सड़क निर्माण का झूठा श्रेय लेने का असफल प्रयास करते हैं। सच्चाई यह है कि उनके विभाग की नाकामी अब जनता के सामने उजागर हो चुकी है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य तो तेजी से चल रहा है, लेकिन भारी बारिश के बाद सड़कों पर गिरे मलबे को अब तक साफ नहीं किया गया है। यह शिक्षा मंत्री की ढुलमुल कार्यशैली और स्थानीय समस्याओं के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। बरागटा ने मुख्यमंत्री से मांग की कि क्षेत्र की सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत कर बस सेवाएं बहाल की जाएं।
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