सेब सीजन सिर पर, बागवानों को फसल मंडी तक पहुंचाने की सता रही चिंता
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जल्द नहीं सुधरी सड़क की हालत तो ग्रामीण करेंगे आंदोलन
दो पंचायतों के हजारों ग्रामीण उपमंडल मुख्यालय पहुंचने में झेल रहे परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। उपमंडल निरमंड की अरसू और डीम दो पंचायतों के हजारों ग्रामीणों को लाभान्वित करने वाली टिकरी-कैंची-अरसू सड़क लंबे समय से खस्ताहाल है। करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। सड़क पर कई जगह टारिंग भी उखड़ गई है। लोक निर्माण विभाग से ग्रामीणों ने कई बार मांग उठाई, लेकिन सड़क की हालत नहीं सुधरी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क की हालत नहीं सुधरी, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। क्षेत्र में सेब सीजन सिर पर है और खस्ताहाल सड़क ने हजारों बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। सड़क पर बने गड्ढों के कारण वाहन चालक भी सेब ढुलाई के मनमाने दाम वसूलेंगे। स्थानीय ग्रामीण कैलाश शर्मा, बुद्धि सिंह चौहान, राजन अग्रवाल, सतीश अग्रवाल, पवन ठाकुर सहित अन्य का कहना है कि रोजाना सैकड़ों लोग, स्कूल बच्चे, दूध-सब्जी लेकर निरमंड जाने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। क्षेत्र में करीब आठ से दस हजार सेब की पेटियों का उत्पादन होता है। यदि सड़क की हालत ऐसी ही रही, तो बागवानों को अपनी फसल मंडी तक पहुंचाने में आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कई बार लोक निर्माण विभाग से मांग की गई, लेकिन विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहा। उन्होंने चेताया कि यदि जल्द सड़क की हालत नहीं सुधारी गई, तो ग्रामीण विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने सेब सीजन से पहले सड़क की हालत सुधारने की मांग उठाई है।
सड़क पर बरसात के बाद पैचवर्क का काम शुरू कर दिया जाएगा। वर्तमान में बारिश के कारण कार्य रुका हुआ है। मौसम साफ होते ही टिकरी-कैंची से अरसू तक सड़क को दुरुस्त किया जाएगा। - राकेश नेगी, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग निरमंड