दो सप्ताह में दो वाहन दुर्घटनाग्रस्त, सेब मंडियों में पहुंचाना मुश्किल
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी नेरवा (रोहड़ू) । खैल-शिलिकायन-दोबती मार्ग खस्ता हालत में है। क्षेत्र के बागवान लंबे समय से लोक निर्माण विभाग से सड़क की हालत सुधारने की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभाग ने कोई सुनवाई नहीं की। खराब सड़क चौपाल के प्रमुख सेब उत्पादक क्षेत्र मशडोंह पंचायत से होकर गुजरती है। मशडोंह पंचायत के प्रधान वीरेंद्र धानटा ने बताया कि इस बार इस क्षेत्र में सेब की बंपर फसल है। इस सड़क से करीब दो लाख से अधिक पेटियां फल मंडियों को जानी है। क्षेत्र के युवा बागवान गगन डीप कालटा ने बताया कि खैल से दोबती तक 18 किलोमीटर लंबा मार्ग है। इसमें से खैल से शिलिकायन तक के 4 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण स्टेट हेड के अंतर्गत हुआ है। शिलिकायन से दोबती तक के 14 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत हुआ है। 10 वर्ष पहले ट्रायल बस भेज कर इस मार्ग को बड़े वाहनों के लिए पास कर दिया गया था। आज तक इस मार्ग पर बस सेवा शुरू नहीं हुई। बीते दो सप्ताह में सेब लेकर मंडी जा रहे दो वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। मुख्य मार्ग तक सेब छोटे वाहनों से ले जाना पड़ता है। छोटी गाड़ियों वाले 30 से 40 रुपए प्रति पेटी भाड़ा ले रहे हैं। लोगों ने बताया कि इस क्षेत्र से गुजरने वाली यह एक मात्र सड़क है। इससे टियाड़ी, पवास, टिपरा, मशडोंह, कुटनंडा, बिजल, बड़ाल, पुजारली और शिलिकायन गांवों को लाभ होता है। मशडोंह पंचायत के प्रधान वीरेंद्र धानटा, उपप्रधान रामेश्वर धनाइक, नेत्र मेहता, संजू शेख, दलबीर भिखटा, हसीन मोहम्मद, रमजान, जावेद, गुलाम रसूल, नरेश भिखटा, प्रकाश धानटा, अयूब और कमलेश बेसटा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू व लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से गुहार लगाई है कि इस मार्ग की दशा प्राथमिकता के आधार पर सुधारी जाए और इस मार्ग पर परिवहन निगम की बस चलाई जाए।
सड़क की मरम्मत करवाई गई
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सुनील शर्मा ने बताया कि यह कच्चा मार्ग है। विभाग समय-समय पर सड़क की मरम्मत करवाता रहता है। इस साल भी मरम्मत करवाई गई है।