. ग्रामीणों को मुश्किल हुए राजस्व और प्रमाणपत्र बनाने के कार्य
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. तीन से चार पटवार सर्किल का कार्य संभाल रहे एक पटवारी राकेश बिनी शर्मा
निरमंड(कुल्लू)। सरकार और राजस्व विभाग की अनदेखी उपमंडल निरमंड के ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। 14 पटवार सर्किल का भार केवल तीन पटवारियों पर है। इस कारण ग्रामीणों के राजस्व और प्रमाणपत्र संबंधी कार्य लटक रहे हैं। ग्रामीणों में पटवारियों के रिक्त पड़े 11 पदों को लेकर भारी रोष है। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की ओर से लोगों को घरद्वार पर बेहतर सुविधा देने के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन उपमंडल निरमंड में हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं। हर कानूनगो वृत्त में एक पटवारी को तीन से चार पटवार सर्किलों का जिम्मा सौंपा गया है। ऐसे में जहां ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं 14 पटवार सर्किल का बोझ भी बढ़ा है। सरकार की अनदेखी के कारण जहां ग्रामीणों के राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। लोगों को प्रमाणपत्र बनाने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। रिक्त पदों के कारण जनता के अधिकांश भूमि से जुड़े मामले लटके हुए हैं। हैरानी की बात है कि पद कई साल से खाली होने के बाद भी निरमंड से पटवारियों का तबादला किया जा रहा है। हाल ही में चार पटवारियों को पदोन्नति मिली है। इसके बाद निरमंड में सिर्फ तीन पटवारी रह गए हैं। पटवारियों को अतिरिक्त कार्यभार देकर काम चलाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नामांतरण, जमाबंदी, सीमांकन और नक्शा तैयार करने जैसे जरूरी कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं। सरकार और राजस्व विभाग की अनदेखी के कारण जनता की दिक्कतें और बढ़ गई हैं।
उच्चाधिकारियों को करवाया है अवगत
तहसीलदार निरमंड रजत शर्मा ने बताया कि उपमंडल में पटवारियों के रिक्त पदों को लेकर विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। उम्मीद है कि जल्द समस्या का समाधान होगा।