नित्थर में सेब के पेड़ों में पिंकवर्ड आना शुरू, एंटी हेलनेट लगने के बाद सुंदर दिखने लगी वादियां
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संवाद न्यूज एजेंसी नित्थर (कुल्लू)। नित्थर के सेब बहुल क्षेत्रों एड़शी, बुआई और शिल्लाबाग में सेब के पेड़ों में पिंकवर्ड आना शुरू हो चुका है। सेब के पेड़ों में पत्ते कम हैं, लेकिन फूल आने शुरू हो गए हैं। इससे बागवान खुश हैं और अच्छी फसल की उम्मीद संभावना है। यदि अंधड़ और ओलावृष्टि नहीं हुई, तो फसल अच्छी हो सकती है। बागवान अभी अपने बगीचों में कीटनाशक और कई अन्य तरह के छिड़काव करने में व्यस्त हैं। क्षेत्र के बागवान भूपिंद्र चौहान, सुनील भारती, हरदयाल, विजय और संजय ने कहा है कि बागवान अब नई तरह के सेब की कई किस्मों को लगाकर अपनी आर्थिकी को मजबूत कर रहे हैं। इन पौधों में सबसे ज्याद प्रचलित किंग रॉट, जेरोमाइन और रेड ब्लॉक्स हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बागवान अपने बगीचों में एंटी हेलनेट लगाने के काम में भी जुट गए हैं। शिल्लाबाग, ढमाह, तांदी, थलीन, केउरी, एड़शी और बुआई में एंटी हेलनेट लगाने का काम जोरों पर चल रहा है। चेत्र माह में सबसे ज्यादा खतरा ओलावृष्टि का रहता है। इसके अलावा नित्थर के सेब बहुल क्षेत्र दूराह, लोट, कुठेड़, कटार और कंडागई के बगीचों में हेलनेट लगने से वादियां खूबसूरत दिखाई देने लगी हैं।
नित्थर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब बगीचों में बागवान लगा रहे एंटी हेलनैट। संवाद