. एसटी मोर्चा जिलाध्यक्ष या कारगिल हीरो रहे पार्षद संभाल सकते हैं नप रामपुर अध्यक्ष की कुर्सी
. प्रवक्ता और दो नए चेहरों पर भी दाव खेल सकती है भाजपा
. भाजपा समर्थित सभी पांच पार्षद पहली बार चुनाव जीते
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नगर परिषद रामपुर में भाजपा समर्थित पांच पार्षद जीते हैं। नतीजे सामने आने के बाद अब भाजपा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद तय करने के लिए समीकरण बनाने में जुट गई है। नगर परिषद रामपुर के अध्यक्ष पद की कुर्सी सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है। अब यह देखना रोचक रहेगा कि किसके सिर पर अध्यक्ष का ताज सजेगा। रामपुर नगर परिषद में पांच सीटें हासिल कर भाजपा पहली बार सत्ता में आ रही है। पांच पार्षदों में से दो पहले से ही भाजपा के अहम पदों पर आसीन हैं, जबकि चुनकर आए तीन पार्षद राजनीति में एकदम नए हैं। इनमें दो महिला और एक पुरुष शामिल हैं। अनुभव की बात करें, तो वार्ड नंबर-दो पदमनगर से जीतकर आए एसटी मोर्चा महासू के जिलाध्यक्ष रोहित नेगी पार्टी से लंबे समय से जुड़े हैं और उनकी संगठन में अच्छी खासी पकड़ है। पार्टी पदाधिकारी होने के चलते वर्तमान में रोहित अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। वहीं, वार्ड नंबर-पांच अखाड़ा मंदिर वार्ड से जीतकर आईं नीतिका गुप्ता भाजपा मंडल रामपुर में बतौर प्रवक्ता तैनात हैं। ऐसे में नीतिका को भी नगर परिषद में अहम पद मिलने की संभावना है। वहीं, वार्ड नंबर-सात से पहली बार जीतकर आए सुंदर लाल पूर्व में भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं। सुंदर लाल वर्ष 1999 में हुई कारगिल जंग में भी शामिल थे और अब सेवानिवृत्ति के बाद नगर परिषद में बतौर पार्षद चुनकर आए हैं। भाजपा समर्थित दो पार्षद राजनीति में बिल्कुल नए हैं, लेकिन भाजपा का इतिहास देखा जाए, तो वह नए चेहरों को भी मौका देती आई है। फिलहाल, भाजपा हर समीकरण पर गहन चर्चा कर रही है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि प्रदेश के बड़े नेता ही इस पर फैसला लेंगे। अब उपायुक्त शिमला की ओर से जल्द ही नव निर्वाचित पार्षदों के लिए शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा। शपथ ग्रहण के बाद ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चेहरों पर से पर्दा उठ पाएगा। बहरहाल, अब नगर परिषद क्षेत्र की जनता भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद की तैनाती को लेकर टकटकी लगाए हुए हैं।
चार सीटों पर जीत, कांग्रेस भी कर रही गठजोड़ की राजनीति
रविवार को नगर परिषद चुनाव परिणाम सामने आने के बाद कांग्रेस समर्थित चार पार्षद चुनाव जीतकर आए। कांग्रेस का दावा कर रही है कि रामपुर में कांग्रेस और भाजपा के चार-चार समर्थित प्रत्याशी विजयी हुए हैं और एक आजाद उम्मीदवार चुनाव जीता है। कांग्रेस पार्टी नगर परिषद को कब्जाने के लिए अब इस उम्मीदवार को साधने में जुट गई है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस बार चुनाव में कांग्रेस का वोट प्रतिशत 62.09 प्रतिशत रहा, जबकि भाजपा को केवल 37.91 प्रतिशत मत हासिल हुए हैं। कांग्रेस के समर्थित तीन उम्मीदवार केवल 8-9 वोटों के मामूली अंतर से चुनाव हारे हैं, जबकि तीन वार्डों में कांग्रेस के एक से अधिक उम्मीदवार के चुनाव लड़ने से सीटों का नुकसान हुआ है।