ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। सराहन में भीमाकाली मंदिर न्यास की दो वर्ष बाद बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता भीमाकली मंदिर न्यास के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने की। बैठक में श्राईकोटी मंदिर के निर्माण में हो रही देरी के लिए लोक निर्माण विभाग से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह नाखुश दिखे। उन्होंने विभाग को 31 नवंबर तक मंदिर निर्माण कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए। यदि 31 नवंबर तक निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो लोनिवि के खिलाफ ट्रस्ट कार्रवाई करेगा।
बैठक में ट्रस्ट की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किए हुए लोगों के खिलाफ जल्द कानूनी कार्रवाई तेज करवाने के लिए मंदिर अधिकारी को निर्देश दिए। वहीं, हाईकोर्ट सहित दूसरे कोर्ट में लंबित मामलों पर भी ध्यान देने को कहा। दत्तनगर में 17 लाख की लागत से बनने वाले गोसदन को यदि न्यास की जमीन में निर्माण कार्य में कोई दिक्कत है तो उसके लिए दूसरी जगह का चयन कर वहां पर स्वीकृत राशि से गोसदन निर्माण कार्य पूरा करने को कहा गया। सराहन में मंदिर ट्रस्ट के सराय भवन और कर्मचारियों के लिए रहने वाले कमरों की छत और दूसरी मरम्मत के लिए स्वीकृत एस्टीमेट को भी स्वीकृति दी गई। मंदिर परिसर में बन रहे लंगर हॉल के निर्माण कार्य को गति देकर जल्द तैयार करने को कहा गया। इसके अलावा न्यास के श्राईकोटी और करांगला माता मंदिर में एक-एक पुजारी का पद भरने की स्वीकृति भी दी गई। गुफा मंदिर को जाने के लिए पौड़ी लगाने और उसकी सुंदरता को बनाने के आदेश भी दिए गए। न्यास के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने न्यास के सभी सदस्यों को बैठक में मौजूद रहने की हिदायत दी। कहा कि वे अपनी जगह किसी अपने नुमाइंदे को न भेजें।
बैठक में शिमला ग्रामीण के विधायक एवं न्यासी विक्रमादित्य सिंह, रामपुर के विधायक एवं न्यासी नंद लाल, एसडीएम रामपुर एवं उपाध्यक्ष न्यास सुरेंद्र मोहन, मंदिर अधिकारी बालक राम नेगी, कई विभागों के न्यासी अधिकारी और दूसरे सदस्य भी मौजूद रहे।