रामपुर बुशहर। दीपक प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन संबधित सीटू ने धामी, बसंतपुर और नोगली से मनमाने तरीके से निकाले गए छह मजदूरों के विरोध में दूसरे दिन भी कमांडर ऑफिस ज्यूरी के बाहर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू राज्य उपाध्यक्ष बिहारी सेवगी, जिला अध्यक्ष कुलदीप, यूनियन सचिव प्रेम सिंघानिया और अध्यक्ष प्रेम ने कहा कि दीपक प्रोजेक्ट प्रबंधन श्रम कानूनों की सरेआम उल्लंघना कर रहा है।
मजदूरों को मनमाने तरीके से निकाला जा रहा है। यूनियन और प्रबंधन के बीच 2019 को एक लिखित समझौता किया था, जिसमें प्रबंधन ने माना था कि मजदूरों को हर माह की सात तारीख से पहले वेतन दिया जाएगा। जबकि, मजदूरों को अभी भी 2-2 महीने तक वेतन नहीं मिल रहा है। प्रबंधन तानाशाहीपूर्ण फैसले ले रहा है। कई साल तक काम कर रहे मजदूरों को नौकरी से निकाला जा रहा है। कोरोना के समय एक ओर जहां लाखों लोगों का रोजगार चला गया, वहीं दूसरी ओर प्रबंधन मजदूरों को नौकरी से बाहर कर रहा है। 1962 के बाद चाहे कांग्रेस की सरकार रही हो या बीजेपी की, दोनों ने सीपीएल में काम कर रहे मजदूरों के लिए कोई नीति नहीं बनाई है। यह भाजपा और कांग्रेस की सरकार की नाकामियों को साफ दर्शा रही है। सीटू ने मांग की है कि जिन मजदूरों को नौकरी से निकाला गया है, उन्हें वापस नौकरी पर रखा जाए अन्यथा आगामी समय में उग्र आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर प्रेम सिंघानिया, पवन, यशपाल, रूपलाल, घनश्याम, दीवान, गोविंद, रमेश, चंद्रशेखर, राम, पिंकी, शशि कांति, गीता और रंजीत आदि मौजूद रहे।