अहम विषयों के अध्यापक न होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। राजकीय महाविद्यालय नेरवा में बीते कई वर्षों से शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक वर्ग के अनेक पद रिक्त पड़े हैं, जिससे अभिभावकों में रोष है। उनका कहना है कि शैक्षिक गुणवत्ता को बनाए रखने और छात्रों को उच्च स्तरीय शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए रिक्त पदों का भरा जाना अत्यंत आवश्यक है।
महाविद्यालय में कई पद रिक्त पड़े हैं। कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों की शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। विज्ञान संकाय में बॉटनी और फिजिक्स विषयों के प्राध्यापकों के पद पिछले कई सालों से रिक्त हैं। वहीं बीते दो वर्ष से कला संकाय में अर्थशास्त्र विषय के प्राध्यापक का पद रिक्त है। दो वर्ष पूर्व महाविद्यालय से अर्थशास्त्र के प्रवक्ता का तबादला तो सरकार ने कर दिया लेकिन उनके स्थान पर यहां किसी को नहीं भेजा। वहीं गैर शिक्षक वर्ग के पद रिक्त होने से महाविद्यालय के प्रशासनिक कार्यों में भी बाधाएं पेश आ रही हैं। नेरवा महाविद्यालय शिक्षक-अभिभावक संघ ने सरकार और प्रशासन को कई बार अवगत करवाया, लेकिन अब तक शिक्षकों की नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। संघ ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मांग की है कि महाविद्यालय में रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए।