संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)।
तकलेच उपमंडल की तकलेच-दारनघाटी सड़क शील परोग के पास भूस्खलन के कारण दलदल में बदल गई है। बीते करीब दस दिनों से हो रहे लगातार भूस्खलन से बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। इससे अपर बारह-बीस घाटी के हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग की मशीनरी और मजदूर सड़क को बहाल करने में जुटे हुए हैं। हालांकि, बार-बार हो रही बारिश राहत कार्य में बाधा डाल रही है। फिलहाल, विभाग ने सड़क को छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया है। बड़े वाहनों की आवाजाही सुचारू होने में अभी समय लगेगा। बारह-बीस घाटी में सेब का सीजन चल रहा है। सड़क बाधित होने से किसानों-बागवानों और पशुपालकों को मुश्किल हो रही है। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र से सेब की हजारों पेटियां छोटे वाहनों के जरिये मंडियों तक पहुंचाइं जा रही हैं। कुछ बागवान बाहलीधार वाया शांदल-लालसा सड़क का उपयोग कर रहे हैं। बसों को अभी भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र (ब्लैक पॉइंट) तक ही भेजा जा रहा है। ग्रामीणों को शील परोग से आगे कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। छोटे वाहनों से यात्रा करने पर लोगों को अधिक किराया देना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को भी रोजाना आवाजाही में सबसे ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं। कूहल और देवठी पंचायतों के सैकड़ों लोग इस सड़क पर निर्भर हैं। गोविंद सिंह, लेखराज समेत कई ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से युद्ध स्तर पर सड़क को बहाल करने की मांग की है।
छोटे वाहनों के लिए सड़क बहाल
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता गोवर्धन शर्मा ने बताया कि छोटे वाहनों के लिए सड़क बहाल है, लेकिन बड़े वाहनों के लिए समय लगेगा। विभाग की मशीनरी और मजदूर सड़क को बहाल करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।