सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। प्रदेश वन विकास निगम के पूर्व उपाध्यक्ष एवं भाजपा नेता सूरत नेगी ने आपदा प्रभावित कुप्पा क्षेत्र का दौरा कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ितों का हालचाल जाना और सरकार व स्थानीय प्रशासन पर राहत एवं पुनर्वास कार्यों में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
सूरत ने कहा कि दो-तीन घरों को सीधा नुकसान पहुंचने के बावजूद प्रभावित परिवारों को आपदा प्रबंधन के तहत मिलने वाली फौरी राहत राशि अभी तक नहीं मिल सकी है। उनका आरोप था कि प्रशासन प्रभावित लोगों से स्वयं सुरक्षित जमीन तलाशने के लिए कह रहा है, जबकि आम लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि कौन-सी भूमि सरकारी है। उन्होंने उपायुक्त से मांग की कि पटवारी स्तर के अधिकारियों को निर्देश देकर सुरक्षित सरकारी भूमि की पहचान कराई जाए। बरसात में पत्थर गिरने के खतरे को देखते हुए प्रभावित परिवारों का जल्द सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास किया जाए।
सांगला मुख्य सड़क की स्थिति पर भी उन्होंने सरकार और स्थानीय विधायक पर निशाना साधा। नेगी ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में इस रणनीतिक और पर्यटन मार्ग को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधीन लाया गया था। उनके अनुसार, पिछले वर्ष हुए भूस्खलन के बाद यहां आरसीसी की स्थायी सुरक्षा दीवार बनाई जानी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय दो महीने तक कार्य लंबित रखने के बाद अस्थायी पुल बनाकर काम चलाया गया।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष यशवंत, मंडल अध्यक्ष बीरबल, उपप्रधान सत्यदेव, सांगला पंचायत के प्रधान परविंद्र तथा अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।