मंत्री ने केंद्र सरकार के भेदभावपूर्ण निर्णय पर भाजपा सांसदों की चुप्पी की आलोचना की
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने मंगलवार को निचार उपमंडल के निगुलसरी विश्राम गृह सभागार में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने जलग्रहण क्षेत्र उपचार योजना के तहत 45 निर्धन परिवारों को इंडक्शन हीटर और प्लास्टिक की बाल्टियां वितरित कीं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निर्धन और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में समावेशी समाज के निर्माण और व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से प्रत्येक वर्ग के समान विकास का प्रयास किया जा रहा है। राजस्व मंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार पर प्रदेश के वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाया। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा कानून में किए गए बदलावों को गरीब विरोधी बताया। साथ ही कहा कि राजस्व घाटा अनुदान हिमाचल प्रदेश का संवैधानिक अधिकार है और संविधान के अनुच्छेद 275 के तहत मिलने वाले इस अनुदान को समाप्त करने का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है।
कार्यक्रम में 45 परिवारों को लाभान्वित किया गया। इनमें तरांडा पंचायत के 30 और चौरा पंचायत के 15 परिवार शामिल थे। सभी लाभार्थी गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवार हैं, जिन्हें जलग्रहण क्षेत्र उपचार योजना के तहत सहायता प्रदान की गई। इस दौरान मंत्री ने लोगों की जनसमस्याएं भी सुनीं और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।